राज्य के दर्जे की मांग को लेकर अनशन 14वें दिन भी जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
लेह। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लिए छठी अनुसूची के तहत राज्य के दर्जे और सांविधानिक सुरक्षा उपायों के समर्थन में पिछले दो सप्ताह से भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने मंगलवार को कहा कि वे मार्च की योजना बना रहे हैं।
लद्दाख के लोगों की चार सूत्री मांगों के समर्थन में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के संयुक्त प्रतिनिधियों की केंद्र सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद से ही वांगचुक अनशन पर हैं।
अपने उपवास के 14वें दिन की शुरुआत में वांगचुक ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि लद्दाख की भूमि, पर्यावरण और आदिवासी संस्कृति की रक्षा के लिए उनके साथ 250 लोग माइनस 12 डिग्री सेल्सियस में भूखे सोए। हमारे खानाबदोश दक्षिण लद्दाख में बड़े कॉरपोरेट हाउसेस और उत्तर में चीनी अतिक्रमण के कारण अपनी प्रमुख चारागाह भूमि खो रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही मार्च की योजना बना रहे हैं। केडीए ने जारी आंदोलन के तहत 20 मार्च को कारगिल शहर में आधे दिन की आम हड़ताल और रैली का आह्वान किया है।