मानसून सीजन में घरों में सांप आने की शिकायतें बढ़ गई हैं। विभाग के पास रोज 50 से 55 शिकायतें आ रही हैं। इसके तहत जम्मू कश्मीर प्रशासन ने जिले में वन्य जीव रेस्क्यू की दो-दो टीमें चार से पांच सदस्यों की बनाई है। प्रतिदिन टीमें 18 से 20 सांप पकड़ रही हैं। एरिया में जितने भी सांप पाए जाते हैं उनमें सिर्फ 3 से 4 प्रजाति के सांप ही जहरीले हैं, लेकिन खौफ में लोग सांप देखकर घबरा जाते हैं।
विभाग की मानें तो प्रतिदिन करीब 55 शिकायतें आ रही हैं। टीमें मौके पर जाकर 18 तो कभी 20 सांप पकड़ रही हैं। इसके साथ ही टीम के सदस्य लोगों को सर्प से दूर रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं। वहीं, विभाग के पास कई प्रकार से शिकायतें आती हैं। वेबसाइट पर दिए नंबर, पुलिस केंद्र और एनजीओ के माध्यम से दिक्कत पहुंचती है। जम्मू वन्यजीव विभाग के डीएफओ अनिल अत्री का कहना है - बारिश के मौसम में ज्यादातर कोबरा, कॉमन करैत और रसल्स वाइपर जैसे जहरीले सांप निकलते हैं।
ये सांप हैं खतरनाक
1. कोबरा : फन फैलाता है। मरीज को जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है। जहर कितनी तेजी से असर करता है यह जिस्म के काटने के हिस्से पर निर्भर है।
2. काॅमन करैत : खतरनाक है, क्योंकि काटने पर बिल्कुल मच्छर जैसा अहसास होता है। ये बड़ी संख्या में पाए जाते हैं।
3. रसल्स वाइपर : तेज हमला करता है। भारत में सबसे ज्यादा मौतों के मामले इसी सांप के काटने के हैं। ज्यादातर रात को चूहे या छोटे जीवों का शिकार करता है।
इनसे डरने की जरूरत नहीं
1. रैट स्नेक : वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट के रेस्क्यू में 70 फीसदी मामलों में यही सांप पाया जाता है। ये ज्यादातर चूहे को पकड़ने के लिए पीछे से घर में घुसता है।
2. वूल्फ स्नेक : जंगल के साथ एरिया में ज्यादा मिलता है। छोटा सांप है, जो ज्यादातर कॉकरोच के लिए घरों में घुसता है।
3. चेकर्ड कीलबैक : गुस्सैल सांप है। पकड़ते वक्त मिस हैंडलिंग हो तो एक साथ कई जगह काट लेता है। इसकी प्रजाति रेड कालर कीलबैक जहरीली है, लेकिन यहां नहीं पाई जाती।
इन सावधानियों को अपनाएं
-रात में घर की बालकनी या छत पर जाते हैं तो लाइट का इस्तेमाल करें।
-घरों में किसी तरफ से सांप न घुस सके यह सुनिश्चित करें।
- दरवाजों के नीचे रबर स्ट्रिप लगवा लें। ग्राउंड फ्लोर में रहते हैं और साथ में ग्रीन एरिया है तो ज्यादा ध्यान रखें।