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Jammu News: बिजली लेनी है तो स्मार्ट मीटर लगाने ही होंगे, यह केंद्र का फैसला

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- बिजली विभाग के आयुक्त सचिव ने कहा - पुराने बिल स्मार्ट मीटर के बिल में नहीं होंगे ऐड
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। स्मार्ट मीटर के विरोध के बीच बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि ये मीटर लगाए ही जाएंगे। लोगों को इनके मुताबिक ही बिल का भुगतान करना होगा। यदि किसी को तकनीकी दिक्कत आती है तो इसके समाधान के लिए विभाग के अधिकारी 24 घंटे मौजूद हैं। वीरवार को जम्मू में एक प्रेसवार्ता के दौरान पीडीडी के आयुक्त सचिव राजेश प्रसाद ने कहा कि विभाग लोगों को 24 घंटे बेहतर बिजली देने के लिए काम कर रहा है। कुछ लोग मीटर के नाम पर गुमराह कर रहे हैं, लेकिन देशभर में प्रीपेड मीटर लग रहे हैं। केंद्र के आदेश पर ही हम मीटर लगा रहे हैं।
प्रसाद ने कहा कि कुछ लोगों के पुराने बिल नए बिल में शामिल होकर आ रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि स्मार्ट मीटर का बिल अधिक आ रहा है। इसी के नाम पर कुछ विरोध हो रहा है, लेकिन यह तकनीकी खामी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी का भी पुराना बिल स्मार्ट मीटर या फिर प्रीपेड मीटर के बिल में शामिल होकर नहीं आएगा। स्मार्ट मीटर का बिल उतना ही आएगा, जितनी बिजली इस्तेमाल की होगी। पुराने बिल के लिए सरकार ने एक योजना घोषित की थी। 30 अक्तूबर 2023 तक लोगाें को 10 किश्तों में पुराना बिल जमा कराने को कहा था। इसमें भी बहुत से लोगों ने किश्तों में भी बिल नहीं दिया है।
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55 फीसदी बिजली लाॅस हो रही
आयुक्त सचिव ने कहा कि जम्मू-कश्मीर देश का एकमात्र ऐसा प्रदेश है, जहां पर सबसे अधिक बिजली बर्बाद होती है। जम्मू-कश्मीर के लिए जो बिजली बाहर से खरीदती जा रही है, उसमें से 55 फीसदी बर्बाद हो जाती है। इसके दो बड़े कारण हैं। पहला यह कि सिर्फ 50 फीसदी ही मीटर लगे हुए हैं। दूसरा यह कि तार पुराने हैं। इसके अलावा बिल के मुताबिक कलेक्शन भी काफी कम है।
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