- उपभोक्ताओं के प्रदर्शन के बाद बिजली विभाग ने काम की गति धीमी की, अब जीता जाएगा विश्वास
- 22 हजार अब तक जम्मू संभाग में लगाए गए स्मार्ट मीटर
- 15 लाख स्मार्ट मीटर प्रदेश भर में लगाए जाने हैं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रदेश भर में बिजली के स्मार्ट मीटर का विरोध तूल पकड़ता जा रहा है। विरोधी कहीं इसे मुद्दा न बना लें, इसको लेकर भाजपा भी सतर्क हो गई है। स्मार्ट मीटर के आगामी प्रभाव को देखते हुए फिलहाल इन्हें लगवाने का मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। हालात को देखते हुए अभी जिन इलाकों में विरोध नहीं होगा, वहीं मीटर लगाए जाएंगे। जम्मू जिले में जगह-जगह प्रदर्शन के बाद जोर-जबरदस्ती से मीटर लगाने का काम अभी धीमी रफ्तार से चलेगा।
जम्मू-कश्मीर में 15 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। जम्मू संभाग में अब तक 22 हजार के करीब स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, यहां साढ़े सात लाख मीटर लगाए जाएंगे। हालांकि यह व्यवस्था राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। कई राजनीतिक दल और सामाजिक संगठन लोगों को साथ लेकर स्मार्ट मीटर व प्रीपेड बिजली प्रणाली के विरोध में रोजाना प्रदर्शन की रहे हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा को लगने लगा है कि स्मार्ट मीटर के विरोध में कुछ राजनीतिक लोगों के साथ आम लोग जुड़ने लगे हैं। अगर ऐसे ही चलता रहा तो इसका लाभ विपक्षी उठा सकते हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इसकी रिपोर्ट आलाकमान को भेजी है। इसके बाद विरोध के प्रभाव को देखते हुए मीटर लगवाने के मिशन को फिलहाल कुछ समय के लिए विराम दे दिया गया है। पहले स्मार्ट मीटर वहीं लगवाए जाएंगे जिन क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के बिल सही हैं।
बिजली विभाग बदली रणनीति के तहत पहले उपभोक्ताओं के बिल ठीक करवाएगा। इसके लिए सब स्टेशनों पर शिविर लगाकर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर को लेकर आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। उपभोक्ताओं को विश्वास दिलाने के लिए दोनों मीटर लगाकर दिखाए जाएंगे कि स्मार्ट मीटर में रीडिंग को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
- शिव अनंतयाल, एमडी, बिजली विभाग