अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ जम्मू में सस्टेनेबल एक्वाकल्चर इनोवेशन सेंटर खोलने की तैयारी शुरू हो गई है। इस पर 3.71 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेंटर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 महीने में बन जाएगा। यहां छोटे व युवा व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषक संगठनों एवं स्वयं सहायता समूहों को खाद्य प्रसंस्करण संबंधित आवश्यक मशीनरी व बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी। केंद्र सरकार उद्योग लगाने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान भी देगी।
जम्मू कश्मीर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने के लिए प्रसंस्करण मंत्रालय ने खाद्य प्रसंस्करण पर आधारित नई इकाइयों की स्थापना और पुरानी इकाइयों के सुदृढ़ीकरण की परियोजना शुरू की है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी ऑफ जम्मू का चयन किया है। इस योजना के तहत जम्मू कश्मीर के सभी जिलों से एक-एक उत्पाद का चयन किया जाएगा। इनमें चावल के प्रसंस्कृत उत्पाद, फलों एवं सब्जियों के प्रसंस्कृत उत्पाद (आम, पपीता, टमाटर, काजू, सेब), लघु वनोपज, मसाला फसलों के प्रसंस्कृत उत्पाद (अदरक, हल्दी, इमली), चाय, गुड़, मछली एवं डेयरी उत्पाद शामिल हैं। इस बाबत यूनिवर्सिटी में शोध विभाग के डॉ. हारूक का कहना है कि इनोवेशन सेंटर में उत्पादों का परीक्षण कर उन्हें कारोबार शुरू करने के लिए सहायता मुहैया कराई जाएगी।
जिला उद्योग केंद्र में कर सकेंगे आवेदन
केंद्र सरकार उत्पादों पर आधारित प्रसंस्करण उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक (35 फीसद) अनुदान देगी। परियोजना लागत की 10 फीसद राशि उद्यमी को लगानी होगी। शेष राशि बैंक लोन के रूप में उपलब्ध होगी। योजना का लाभ निजी उद्यमियों, समूह, सहकारी संस्थान, कृषक संगठन, स्व-सहायता समूह ले सकते हैं। इसके लिए जिला उद्योग केंद्र में आवेदन कर सकेंगे। आवेदनों की जांच के बाद उपयुक्त आवेदन राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी राज्य औद्योगिक विकास निगम को भेजे जाएंगे।