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लद्दाख: दुनिया की सबसे ऊंची मैराथन में दौड़े 20 देशों के छह हजार धावक, इमरजेंसी के लिए तैनात रहे हेलिकॉप्टर

Mon, 12 Sep 2022 02:10 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

लद्दाख की जलवायु में अभ्यस्त सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के धावकों ने नौवें लद्दाख मैराथन में बाजी मार ली। फायर एंड फ्यूरी कोर ने 122 किमी, 72 किमी और 10 किमी मैराथन में सभी पुरस्कार अपने नाम कर लिए।
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लद़्दाख में साइकिल रैली - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दुनिया में समुद्रतल से सबसे ऊंचाई पर आयोजित मैराथन का रविवार को समापन हो गया। 20 देशों से करीब 6000 धावक ठंडे मरुस्थल लद्दाख में कम ऑक्सीजन और ठंड की चुनौती के बीच दौड़ने पहुंचे। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज 17100 फुट की ऊंचाई पर होने वाली एवरेस्ट मैराथन से भी ऊंची (17618 फुट) खारदुंगला से लेह बाजार तक मैराथन के साथ ही लद्दाख मैराथन का नौवां संस्करण पूरा हो गया।

32 समितियों के सहयोग से 9वां संस्करण संपन्न

सात सितंबर से शुरू हुए आयोजन में 5 किलोमीटर लंबी रन फॉर फन, 10.5 किलोमीटर, 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 42 व 72 किलोमीटर खारदुंगला चैलेंज और 122 किलोमीटर लंबी सिल्क रूट अल्ट्रा मैराथन की स्पर्धाएं रोमांचित करती रहीं। लद्दाख मैराथन के सह संस्थापक छेवांग मोटुप ने बताया कि लद्दाख प्रशासन के अलावा सेना, वायुसेना, 32 समितियों के सहयोग से 9वां संस्करण संपन्न हुआ है।

  •  20 देशों से करीब छह हजार धावक इसमें शामिल हुए। मोटुप ने कहा कि लद्दाख मैराथन सबसे ऊंचाई पर होने वाली मैराथन है। यह सिर्फ खेल नहीं बल्कि लद्दाख के प्रदूषण रहित पर्यटन के लिए भी व्यापक महत्व रखता है।

सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर ने मारी बाजी

लद्दाख की जलवायु में अभ्यस्त सेना की फायर एंड फ्यूरी कोर के धावकों ने नौवें लद्दाख मैराथन में बाजी मार ली। फायर एंड फ्यूरी कोर ने 122 किमी, 72 किमी और 10 किमी मैराथन में सभी पुरस्कार अपने नाम कर लिए। वहीं 21 किमी में पहला और 42 किमी मैराथन में तीसरा पुरस्कार हासिल किया।

2010 में हुई थी त्रासदी, 2012 में प्रेरणा बनी मैराथन

लद्दाख के लेह में 2010 में बाढ़ से भारी तबाही मची थी। सैकड़ों घर तबाह हो गए। कई लोगाें की जानें चली गईं। लद्दाख मैराथन के सह संस्थापक छेवांग मोटुप ने कहा कि 2012 में पहली मैराथन में 1500 धावक शामिल हुए। इससे संदेश दिया गया कि लद्दाख त्रासदी से उबरकर न सिर्फ खड़ा हो गया है, बल्कि दौड़ने भी लगा है। उसके बाद से आयोजन को व्यापक स्तर पर किया जा रहा है। लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार लद्दाख मैराथन आयोजित की गई है।

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