गुरु साध्वी चंचला महाराज की 19वीं पुण्यतिथि पर करवाए जा रहे भागवत सप्ताह का चौथे दिन
जम्मू। अखनूर क्षेत्र स्थित महिला संन्यास आश्रम राजपूत मंडी की साध्वी ज्योति महाराज ने स्थानीय निवासियों के सहयोग से गुरु साध्वी चंचला महाराज की 19वीं पुण्यतिथि पर श्रीमद् भागवत सप्ताह का आयोजन किया। श्रीमद् भागवत सप्ताह के चौथे दिन शनिवार को भगवान श्री कृष्ण की जन्मकथा, दुष्ट कंस राजा के अत्याचार से मुक्ति के लिए कंसवध, कुबजा उद्धार, रुक्मिणी विवाह, शिशुपाल वध और सुदामा चरित्र का वर्णन किया गया।
कथावाचक साध्वी आशी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीलाओं का वर्णन कर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की महत्ता पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब जब धरा पर अत्याचार, दुराचार, पाप बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है।
साध्वी आशी महाराज ने कहा कि जीवन में भागवत कथा सुनने का सौभाग्य मिलना बड़ा दुर्लभ है। जब भी हमें यह सुअवसर मिले, इसका सदुपयोग करना चाहिए। प्रवचन के बाद मोहल्लावासियों ने भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया।