जम्मू। फ्लायं मंडाल की पंचायत सूंब के गांव मलके चक में वीरवार को श्रीमद्भागवत महापुराण सप्ताह कथा के पहले दिन शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इसके बाद बाल संत साहिल महाराज ने भक्तों को श्रीमद्भागवत महापुराण कथा सुनाई। कथा के पहले दिन साहिल महाराज ने शुकदेव का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि व्यास जी के अनुरोध करने पर शुकदेव जी ने अपना भय बताया। उन्होंने गर्भ के भीतर से कहा कि उन्हें बाहर आने पर माया से ग्रसित होने का भय है। यदि भगवान् श्रीकृष्ण द्वारा माया से ग्रसित नहीं होने का आश्वासन मिले तभी वे बाहर आएंगे। व्यासजी के अनुरोध से भगवान् श्रीकृष्ण ने शुकदेवजी को माया से ग्रसित नहीं होने का आश्वासन दिया। तब शुकदेवजी गर्भ से बाहर आए और जन्म लेते ही जंगल में तपस्या करने चल पड़े और अपने पिता व्यास जी के बुलाने पर शुकदेवजी नहीं आए। उन्होंने व्यास जी के ब्रह्मचारी शिष्यों द्वारा बोले जाते भागवत के मंत्रों से अपनी समाधि को तोड़ा और शिष्यों के पीछे-पीछे चल दिए। इस घटना का मुख्य कारण भागवत कथा ही है।