इसके पीछे मुफ्ती की सेहत को भी एक कारण बताया जा रहा था। हालांकि, पिछले दिनों इस तरह की चर्चाओं को स्वयं महबूबा की ओर से नकारा गया था।
मुफ्ती ने कहा कि जब 1996 के चुनाव में मैं भी नहीं जीत रहा था तो उस दौरान महबूबा ने बिजबिहाड़ा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता था। यह उनके जमीनी स्तर पर काम करने का परिणाम था।
मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता खत्म होते ही इस तरह की खबरें आनी शुरू हो गईं कि गठबंधन सरकार की प्रथम वर्षगांठ पर अगले साल मार्च के महीने में महबूबा मुफ्ती की ताजपोशी हो जाएगी।
इसके लिए मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भाजपा के शीर्ष नेताओं के सामने अपनी इच्छा जाहिर भी कर दी है। भाजपा में इस बात पर विचार किया जा रहा है।
हालांकि, भाजपा के प्रादेशिक नेताओं का मानना है कि यह इतना आसान नहीं होगा, जितना लग रहा है। माना जा रहा है कि प्रदेश भाजपा फिलहाल गठबंधन सरकार में इस तरह के बदलाव के पक्ष में नहीं है।