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हिंदी को बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य, क्षेत्रिय भाषाओं को भी देनी होगी मान्यता

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जम्मू। हिंदी को बढ़ावा देना हमारा कर्तव्य है, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं को भी उचित मान्यता देनी होगी। यह अपील राष्ट्र भाषा प्रचार समिति के सचिव प्रो. भारत भूषण शर्मा ने समिति की ओर से रविवार को केएल सहगल हाल में आयोजित बहुभाषी कवि गोष्ठी में की। इस मौके पर हिंदी, डोगरी, उर्दू और पंजाबी के कवियों ने कविता पाठ किया।
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उर्दू कवि प्रितपाल सिंह बेताब ने कहा कि बहुभाषी कवि गोष्ठी प्रतिभागियों के साथ-साथ साहित्य प्रेमियों को विभिन्न भाषाओं में लिखी गई कविताओं से जुड़ने का अवसर देती है। हिंदी लेखक प्रो. राज कुमार ने ऐसे साहित्यिक कार्यक्रमों के आयोजन की प्रशंसा की। इस दौरान कृष्ण शर्मा, संजीव भसीन, स्वामी अंतर नीरव, उमा शर्मा, सुधीर महाजन, डॉ. अरुणा शर्मा, हरजीत सिंह उप्पल, सुमन पाल, कल्पना महाजन, जंग वर्मन, राकेश अबरोल, जितेंद्र पाल सिंह, डॉ. जावेद राही, नीलम वर्मा और किरण दीप सिंह ने कविताएं पढ़ीं।
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