फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शकील उल रहमान की जमानत अर्जी खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू। कला संस्कृति अकादमी के अतिरिक्त सचिव शकील उल रहमान की जमानत अर्जी को कोर्ट ने नामंजूर कर दिया। क्राइम ब्रांच को आदेश दिया गया है कि वह इस मामले की जांच को तेज करें। स्पेशल जज एंटी करप्शन वाई पी बोर्ने ने जमानत अर्जी पर वीरवार को सुनवाई की। जज ने कहा कि यह मामला काफी गंभीर है। आरोपी ने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। पूरी चयन प्रक्रिया को हाईजैक कर लिया। आरोपी नामी मीडिया कंपनियों में काम कर चुका है। जिस दिन इसकी नियुक्ति हुई, उसके ठीक एक दिन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। क्योंकि वह जानता था कि उसका चयन हो जाएगा। आरोपी और उसका साथ देने वालों के खिलाफ कई आरोप सामने आए हैं। यह एक बड़ा संगीन मामला है। जिसमें दस साल तक की सजा हो सकती है। आरोपी प्रभावशाली है और उसके साथ जुड़े लोग भी। ऐसे में जमानत देने पर सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है। इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती। क्राइम ब्रांच को चाहिए कि वह मामले की बाकी जांच जल्द खत्म करे। जज ने मुख्य सचिव से भी कहा है कि मामलों की जांच तेजी करें। ताकि कोर्ट को सुनवाई में दिक्कत पेश न हो। शकील उल रहमान की 2009 में नियुक्ति हुई थी। बतौर पीआरओ नियुक्त होेने के बाद वह अतिरिक्त सचिव बन गए। नियुक्ति अवैध करार दी गई है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। जेएनएफ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें