पाकिस्तान की ओर से सुरंगों के माध्यम से घुसपैठ कराने के मिल रहे इनपुट
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। जिले के सीमावर्ती क्षेत्रों में रविवार को सुरक्षा बलों ने सुरंगों की तलाश में अभियान चलाया। ऐसी अफवाह आई थी कि चलेआरी क्षेत्र की भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट सुरक्षा बलों को सुरंग मिली है। इसे लेकर क्षेत्र में काम कर रहीं सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं। लोग सीमावर्ती क्षेत्रों से जानकारी लेने लगे। बाद में पता चला कि बीएसएफ ने सुरंगों की तलाश में अभियान चलाया है। वह एक रूटीन अभियान था।
रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसे इनपुट आ रहे हैं कि पाकिस्तानी सेना एक बार फिर से सुरंग के माध्यम से घुसपैठ करवाने के प्रयास में है। इसे लेकर सुरक्षा बल काफी सतर्क हो गए हैं। गत दिवस फूलपुर में सेना ने एंटी टनल अभियान चलाया गया था, जिसमें सेना के जवानों ने एक एंटी टैंक बारूदी सुरंग खोज निकाली थी। रक्षा सूत्रों के अनुसार गत दो दिनों से चंडीगढ़ की सुरक्षा एजेंसी डीआरडीए की टीम भी सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा कर रही है। वह सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवादियों द्वारा बनाई गईं पुरानी सुरंगों की जांच कर रही है। टीम के सदस्यों ने खोड़ा व चक सद्दा में बीएसएफ के अधिकारियों के साथ बैठक भी की।
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इस इलाके में दो बार मिल चुकी है सुरंग
गौरतलब है कि वर्ष 2008 में चलेआरी गांव के निकट से एक सुरंग मिली थी जो भारतीय सीमा के पांच सौ मीटर अंदर तक आई थी। इसकी गहराई 25 फुट और गोलाई करीब पांच फुट थी। इसमें आक्सीजन का पाइप भी था। उसके बाद साल 2022 में भी इसी क्षेत्र के रिगाल में एक सुरंग मिली थी। यह क्षेत्र काफी संवेदनशील है। कई बार इसी क्षेत्र से घुसपैठ के प्रयास हो चुके हैं। पाकिस्तान की ओर से इसी क्षेत्र से ड्रोन की भी घुसपैठ करवाई जाती रही है। चलेआरी व बबर नाले से हथियार भी बरामद किए जा चुुुके हैं, जो ड्रोन द्वारा गिराए गए थे।