अमर उजाला ब्यूरो जम्मू। शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी डॉ असगर हासन समून ने ट्वीट कर शिक्षा विभाग में कई महत्तवपूर्ण कार्य करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा है कि मीडल, हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों में 70 प्रतिशत के करीब जेडीओ और हेडमास्टरों की पोस्ट खाली है, जिससे काफी ज्यादा समस्या उत्पन्न होती है। वहीं सारे क्लेरिक्ल स्टाफ की समय पर ट्रांस्फर की जानी चाहिए ताकि शिक्षा विभाग अच्छे से काम कर सके। उन्होंने डायरेक्टोरेट आफ स्कूल एजूकेशन और सीईओ दफ्तरों में ओसीडी पर काम कर रहे लेक्चररों को वहां से हटाने और शिक्षक समुदाय को प्रशासन के कार्य करने में लगाए जाने के लिए कहा। इसी के साथ डॉ असगर ने कहा कि बढ़ी संख्या में लेब असिस्टेंट से सीधा बिना किसी एपटीट्यूड टेस्ट के उन्हें शिक्षक बना दिया जाता है। आगे चलकर ऐसा न हो इसके लिए एपटीट्यूड टेस्ट लिया जाए फिर ही उन्हें शिक्षक बनाया जाए। साथ ही महिला शिक्षक जब चाइल्ड केयर लीव या मैटरनिटी लीव पर हों तो उनकी जगह पर किसी और को लगाया जाए ताकि इससे स्कूल विद्यार्थियों को कोई नुकसान न झेलना पड़े। डॉ असगर ने डायरेक्टर स्कूल एजूकेशन जम्मू और कश्मीर को हायर सेकेंडरी स्कूल जहां पर प्रिंसिपल नहीं हैं वहां जल्दी सिनीओरिटी के आधार पर प्रिंसिपल भेजने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ बच्चों की मानसिक और शारीरिक विकास अच्छे से हो इसके लिए जरूरी है कि उन्हें छोटी उम्र में यानि 5 साल की उम्र से पहले स्कूल में दाखिल न करवाएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों द्वारा बच्चों की उम्र कम करके अकसर ऐसा किया जाता है जो पूरी तरह से गलत है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए।