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Jammu News: दाखिले के सात दिन बाद न्यू अशोका हायर सेकेंडरी स्कूल तालाब तिल्लो बंद

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अमर उजाला ब्यूरो
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जम्मू। रोजाना की तरह बच्चे तैयार होकर स्कूल पहुंचे तो गेट पर ताला लगा मिला। शिक्षक भी बाहर खड़े थे। कुछ देर गेट खुलने का इंतजार किया, लेकिन नहीं खुला। इसके बाद पता चला कि मान्यता रिन्यू न होने के चलते स्कूल बंद हो चुका है। यह मामला है तालाब तिल्लो में स्थित न्यू अशोका हायर सेकेंडरी स्कूल का। स्कूल में 13 अप्रैल तक दाखिले हुए और सात दिन बाद वीरवार को बंद हो गया।
1965 से शुरू न्यू अशोका पब्लिक स्कूल में नर्सरी से 12वीं तक पढ़ाई होती है। वर्तमान सत्र में 80 बच्चे हैं। मगर स्कूल ने लंबे समय से मान्यता का नवीनीकरण नहीं किया। इसके बावजूद दाखिले शुरू कर दिए। अभिभावकों से फीस ली, वर्दी और किताबें दिलवाई गईं। कुछ दिन नियमित कक्षाएं चलीं। अब अभिभावकों के सामने बच्चों काे किसी दूसरे स्कूल में दाखिला करवाना बड़ी चुनौती है।
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बात करने को तैयार नहीं प्रबंधन
अभिभावकों ने कहा - स्कूल प्रबंधन किसी प्रकार की बात करने को तैयार नहीं है। नौ शिक्षक पढ़ाते हैं। अध्यापक रजनी ने कहा कि 25 साल से शिक्षक हूं। स्कूल प्रबंधक ने बिना नोटिस के स्कूल बंद कर दिया। स्कूल जेके बोर्ड से मान्यता नहीं मिलने का हवाला दे रहा है। जबकि यह बात प्रबंधन को छह महीने से पता थी। स्कूल चाहता तो संचालन के लिए अस्थायी प्रमाणपत्र बोर्ड से ला सकता था। अध्यापक सत्य भूषण ने कहा कि प्रबंधन ने सोची समझी साजिश के तहत ऐसा किया। प्रबंधन संपत्ति को बेचना चाहता है। 12 साल से सेवाएं दे रहा हूं, पर ट्रस्ट के सदस्यों से अचानक स्कूल बंद करने का फैसला लिया।
बच्चों का दूसरे स्कूल में दाखिला करवाने का संकट
अभिभावक अरविंद शर्मा ने कहा कि बेटा आठवीं कक्षा में पढ़ता है, जो चौथी से पढ़ रहा है। ऐसा कभी नहीं लगा कि अचानक स्कूल बंद होगा। सुबह जब बेटा स्कूल गया तो कुछ समय बाद फोन आया कि गेट बंद है। वहां पहुंच कर कारण जानने का प्रयास किया। पास ही खड़े शिक्षक ने बताया कि प्रबंधकों की ओर से जेके बोर्ड से मान्यता का नवीनीकरण नहीं कराया गया। अरविंद ने कहा कि बच्चे का दाखिला पांच हजार रुपये में हुआ था। इसमें तीन हजार की किताबें और वर्दी शामिल है। अब दाखिला कहां करवाएं, इसकी चिंता सता रही है। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने बैठक रखी थी, लेकिन प्रिंसिपल व प्रबंधक कमेटी ही गायब है।
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प्राथमिक जानकारी में स्कूल द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं करने की बात सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी को विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है। बच्चों का भविष्य दांव पर न लगे, इसके लिए विभाग दाखिला अन्य स्कूल में करवाने का विचार कर रहा है। रिपोर्ट आने के बाद स्पष्टता से कुछ कहा जा सकता है।पूछने पर बताया कि कोई भी स्कूल मान्यता प्राप्त नहीं होने पर बंद नहीं हो सकता। इसके लिए विभाग की ओर से एफिलिएशन कोड दिया जाता है, जिसमें पेपर सहित कक्षाएं चलाने की अनुमति होती है।
- डॉ. रविशंकर शर्मा, स्कूल शिक्षा निर्देशक जम्मू
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