- रिकॉर्ड रूम की तीन डिवीजन में दो हजार कर्मचारी-अधिकारी रहे तैनात, फिर भी गायब हुईं फाइलें
- 350 फाइलें छह साल में जेडीए से गुम हुईं
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) से साल दर साल आवास और प्लॉट आवंटन की फाइलें गायब होती रहीं, लेकिन जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं लगी। 2014 से 2019 तक छह साल में जेडीए के रिकॉर्ड रूम से करीब 350 फाइलें गायब हुई हैं। रिकॉर्ड रूम की तीन डिवीजनों में तैनात करीब दो 2 हजार कर्मचारी व अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहे। बावजूद इसके इतनी बड़ी संख्या में फाइलों का गायब होना आम जन के गले नहीं उतर रहा।
जानकारों के अनुसार, जेडीए के कुछ लोगों और दलालों की मिलीभगत से यह फर्जीवाड़ा हुआ है। साल 2014 में 53, 2015 में 42, 2016 में 55, 2017 में 67, 2018 में 47 और 2019 में 49 फाइलें रिकॉर्ड रूम से गायब हुईं। इसके अलावा 37 ऐसी फाइलें हैं, जिनकी जानकारी जेडीए एकत्रित कर रहा है। अगर ये भी गुम पाई गईं तो कुल फाइलों की संख्या 387 तक पहुंच जाएगी। आवंटन के दस्तावेजों को फाइलों में सहेजकर तीन डिवीजन में अगल-अगल रखा गया था। इन तीनों डिवीजन में दो हजार कर्मचारी-अधिकारी तैनात रहे, इनमें चौकीदार व चपरासी भी शामिल हैं। इसके बावजूद लगातार रिकॉर्ड रूम से फाइलें गायब होती रहीं। विभाग ने जांच बिठाई, लेकिन यह खानापूर्ति तक सीमित रही। अब शिकायत मिलने पर जम्मू-कश्मीर प्रशासन के प्रमुख सचिव ने छह सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने के साथ ही नए दस्तावेज तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने जांच के लिए एक साल का समय दिया है।
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आवंटियों को दिखाने होंगे पुराने रिकॉर्ड
प्लॉट और आवास के 350 आवंटियों के सामने दस्तावेजों की एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। प्रमुख सचिव की ओर से बनाई गई कमेटी आवंटियों को उनकी संपत्तियों के नए दस्तावेज तो मुहैया कराएगी, मगर इसके लिए अलॉटियों को अपनी संपत्ति से संबंधित कोई न कोई रिकॉर्ड टीम के समक्ष पेश करना होगा। जानकारी के मुताबिक तमाम ऐसे आवंटी हैं, जिनके पास पुराने दस्तावेज नहीं हैं या फिर गुम हो गए हैं। अब सवाल उठता है कि ये आवंटी अपनी संपत्ति के पुराने दस्तावेज कहां से लाएंगे और फिर क्या इन्हें अपनी संपत्ति मिल पाएगी।
कोरोना काल के बाद हुआ खुलासा
सूत्रों के अनुसार, कोरोना काल के बाद कई आवंटी अपनी संपत्ति की जानकारी लेने जेडीए कार्यालय पहुंचे तो वहां फाइलों के गुम होने का मामला उजागर हुआ। जब विभाग ने जांच बिठाई तो पता चला कि प्लॉट और आवासों की फाइलें कई सालों से गुम हैं।
मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में है। इस पर जांच बिठाई गई है। जांच पूरी होने के बाद जो भी दोषी पाया गया, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
- साहिल जंडियाल, सचिव, जेडीए