संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू । सावन के तीसरे और मलमास के पहले सोमवार को शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। मलमास और सावन का यह संयोग 19 साल बाद आया है। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष गूंज रहे थे। जानीपुर के आप शंभू मंदिर और पीरखो की शिव गुफा में भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि सावन में भगवान शिव की पूजा करने से हर पाप कट जाते हैं। भक्तों ने शिवलिंग पर बिल्ब पत्र्र, दूध, शहद, दही, धतूरा और भांग चढ़ाई।
सावन में भगवान शिव की पूजा करना और विशेष कर सोमवार का विशेष महत्व है। पीरखो में भगवान शिव के दर्शन करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। महंत राजेंद्र नाथ जी के अनुसार बाबा का आशीर्वाद पाने के लिए दिन में 300 से 400 श्रद्धालु आ रहे हैं। यहां आने वाले भक्तों के लिए दोपहर का लंगर लगाया जाता है। वहीं जानीपुर के आप शंभू मंदिर में पंडित द्वारका के अनुसार सोमवार को भक्तों का तांता लगा रहता है। हम भक्त जनों के लिए हर तरह की व्यवस्था भी कर चुके हैं। आहिस्ता आहिस्ता यह आंकडा एक लाख के पार हो जाएगा और हम उसके लिए तैयार हैं। सोमवार को छोड़कर अन्य दिनों में दोपहर 1.30 से 4 बजे तक मंदिर बंद रहता है। अभिषेक सुबह 4 बजे होता है।
पंडित अशोक शर्मा जी के अनुसार शंख में शिव जो को पानी अर्पित नहीं करना चाहिए। तामसिक भोजन अर्पित ना करें, हल्दी, सिंदूर, कुमकुम ना चढ़ाएं। सोमवार के दिन काले कपड़े पहनकर भगवान शिव की पूजा नहीं करनी चाहिए। मलमास में जितना हो सके शिव नाम जपना चाहिए। व्रत रख सकते हैं। अंतिम व्रत रखकर पूजा भी करवा सकते हैं। पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।