अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण के कारण बरसात में नाले रौद्र रूप दिखाने लगे हैं। नानक नगर के बाद वीरवार मध्यरात्रि सारिक विहार सेक्टर-1 लोअर रूप नगर में ओवरफ्लो नाले से तबाही हुई। घरों में पानी घुस गया। तेज बहाव के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं। लोगों का आरोप है कि नाले के बहाव को एक जगह यूटर्न कर दिया है, जिससे हर बरसात में ओवरफ्लो होकर नाला घरों और प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा रहा और तबाही का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
सन्नी ने बताया कि रात को अचानक नाले का पानी उफान के साथ घरों और प्रतिष्ठानों में घुस गया। ऐसे हालात कई साल से बरसात के दौरान बन रहे हैं और अब तेज बहाव के डर से लोग बारिश के दौरान रात को सो नहीं पा रहे। पहले नाले का बहाव सीधा था, लेकिन जब से एक जगह यूटर्न किया है तो नाले का पानी ओवरफ्लो होकर घरों में आ रहा है। अनुराग ने बताया कि करियाना की दुकान में पानी घुसने से काफी नुकसान हुआ। ऊपरी क्षेत्र से लेकर नीचे तक मुख्य नाले पर कई जगह अतिक्रमण के कारण दायरा कम हो गया है, जिससे समस्या बढ़ गई है। ठाकुर करनैल चंद व प्रीतम शर्मा ने आरोप लगाया कि जेडीए ने गलत ढंग से नाले का निर्माण कराया। नाले के आसपास 40 से 50 घर हैं। मौजूदा नाला 18 बाई 10 फीट का है, जबकि 30 फीट तक चौड़ा होना चाहिए था। बारिश रुकने पर नाले का उफान कम हुआ। अगर तेज बारिश होती तो भारी तबाही हो सकती थी। सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे पहले 2014 और 2022 में नाले ने तबाही मचाई थी।
लक्ष्मीपुरम में जलभराव, दूसरे दिन भी नानक नगर में सफाई करते रहे लोग
बारिश के बाद शहर के विभिन्न हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। लक्ष्मीपुरम सेक्टर बी-2 वार्ड 62 में कई जगह जलभराव के कारण वाहन चालकों के साथ राहगीरों को आवाजाही में मुश्किल हो रही है। उधर, नानक नगर में दूसरे दिन भी लोग ओवरफ्लो नाले के दूषित पानी के साथ आई गंदगी को साफ करने में लगे रहे। कई दुकानों के भीतर दो से तीन फीट तक पानी चला गया था, जिससे काफी नुकसान हुआ। सेक्टर 14 के सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि करियाना की दुकान में हजारों रुपये का नुकसान हुआ। पानी से खाद्य पदार्थ खराब हो गए। सरकार को ऐसे हालात को गंभीरता से लेना चाहिए।