सांबा में अपने बेटे को तिलक लगाती माता
सांबा। दीपावली के एक दिन बाद दिन मां-पुत्र तिलक पर्व के तहत मां ने अपने बेटों की लंबी आयु की कामना के लिए उन्हें तिलक लगाया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार दीपावली वाले दिन जब भगवान श्री रामचंद्र जी अयोध्या आए थे तो अयोध्यावासियों ने दीपमाला की थी जिसे आज हम दिवाली के रूप में मनाते हैं। अगले दिन सुबह भगवान रामचंद्र जी ने तीनों माताओं से तिलक लगवाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया था जिसे मां-पुत्र का तिलक के रूप में मनाया जाता है। बुधवार को सांबा में सैकड़ों माताओं ने अपने-अपने बेटों को तिलक कर भगवान से सुख-समृद्धि और उनकी लंबी आयु की प्रार्थना की। बेटों ने माताओं का चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया व उन्हें शगुन के तौर पर उपहार भेंट किए। वर्षा सिंह और शालू संब्याल ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे अमय और शिवाय को टीका लगाकर भगवान से बेटों की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए प्रार्थना की। उन्होंने बताया कि हर वर्ष दीपावली के एक दिन बाद और भाई दूज से एक दिन पहले माताएं बेटों की लंबी आयु के लिए तिलक करती हैं। संवाद