नड ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित, अन्य इलाकों में फैली गंदगी व जलभराव से बढ़ा खतरा
लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद पर लगाया अनदेखी का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। सांबा शहर में पिछले साल की तरह इस बार भी डेंगू ने कहर मचाना शुरू कर दिया है। एक माह में डेंगू के 29 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें चार मामले मंगलवार को मिले थे। शहर का नड ब्लॉक सबसे ज्यादा प्रभावित है। सभी मामले इसी ब्लॉक के चक मंगा, मुख्य बस अड्डा, जतवाल, बैनगलाड़ और दबोह इलाके से मिले हैं। इससे पूरे शहर में डेंगू की दहशत है। वहीं, शहरवासियों ने नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग को बरसात के मौसम में सुध नहीं लेने का आरोप लगाया है।
शहरवासियों का कहना है कि डेंगू के मामले मिलने के बाद सिर्फ प्रभावित इलाकों पर भी ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर के वार्ड 13 के चंक मंगा, वार्ड 11 की गलियों में जलभराव और वार्ड 10 के राई सांबा में गंदगी और जलभराव सहित अन्य इलाकों में भी यही हालत है। मामले मिलने के बाद प्रबंधन की ओर से सिर्फ नड ब्लॉक में ही फॉगिंग और दवाई का स्प्रे किया जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद से जल्द शहर में फॉगिंग करवाने की गुहार लगाई है। गौरतलब रहे कि गत साल भी शहर में डेंगू का आंकड़ा 290 पहुंच गया था। इस बार भी एक माह में अब तक 29 मामले सामने आ चुके हैं। मामलों की मिलने की दर से लोगों दहशत सहित प्रशासन के प्रति रोष है।
चक मंगा वार्ड में अब तक नहीं हुई फॉगिंग : पार्षद
चक मंगा वार्ड की पार्षद सुदेश कुमारी ने बताया कि उन्होंने पहले ही नगर परिषद को इस संबंध में अवगत करवाया था। इसमें बताया था कि क्षेत्र में कई जगह गंदगी फैली है और जलभराव है। इससे वार्ड में मच्छरों की भी भरमार है। यहां पर डेंगू के मरीज मिलने के बाद से लोगों में रोष है। अब तक वार्ड में फॉगिंग तक नहीं करवाई गई है।
बस अड्डे से सटे नाले गंदगी से अटे : नीलम सिंह
वार्ड चार निवासी नीलम सिंह के अनुसार कि मुख्य बस अड्डे के क्षेत्र के नाले गंदगी से अटे हुए हैं। इससे वार्ड सहित क्षेत्र में डेंगू का भय सता रहा है। नगर परिषद की ओर से अभी तक न तो फॉगिंग और न ही दवाई का स्प्रे किया गया है। इस संबंध में नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग को सुध लेनी चाहिए।
जिला अस्पताल आने वाले मरीजों के सेंपल लिए जाते हैं। डेंगू के लक्षण मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को अवगत करवा दिया जाता है। वह उक्त वार्ड व मोहल्ले में जा कर दवाई का छिड़काव करते हैं।
- डॉ. मोहिंद्र, अधीक्षक, जिला अस्पताल सांबा
सभी डेंगू के मामले नड ब्लाॅक से ही मिले हैं। इसमें कस्बे का चक मंगा, मुख्य बस अड्डा, जतवाल, बैनगलाड़ और दबोह क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित है। वहां पर दवाई का छिड़काव करवाने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डॉ. सुरेश कुमार, बीएमओ, नड सांबा
ये बरतें सावधानियां
1. मच्छरों को पनपने से रोकें। डेंगू के मच्छर साफ और स्थिर पाने में पनपते हैं, ऐसे में यदि घर पर या आसपास कहीं भी पानी जमा हो रहा है तो उसपर ध्यान दें
2. डेंगू के मच्छर ज्यादातर दिन के समय में काटते हैं। ऐसे में इनके काटने से बचने के लिए क्रीम या फिर अन्य मच्छरों को भगाने वाले उपाय जरूर किए जाने चाहिए
3. पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। रात में सोने के लिए मच्छरदानी को प्रयोग करें
4. डेंगू के खतरे को कम करने के लिए मच्छर भगाने वाली दवाओं, स्प्रे या रैकेट का प्रयोग करें
5. घर और आसपास के इलाकों में साफ-सफाई रखें
ये हैं डेंगू के लक्षण
डेंगू के खतरे को ध्यान में रखते हुए इससे बचाव के लिए उपाय करते रहना जरूरी हो जाता है। समय रहते डेंगू लक्षणों की पहचान कर डॉक्टर से सलाह लें। लगातार 2-3 दिनों से मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, मतली और उल्टी, सरदर्द, कमजोरी या फिर शौच के साथ खून आने जैसी समस्या है तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें।