सिंगला ने समग्र शिक्षा हस्तक्षेपों के कार्यान्वयन के साथ शिक्षा में साहसिक निवेश की सराहना की
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए केंद्र ने प्रारंभिक, माध्यमिक और शिक्षक शिक्षा के लिए 1665 करोड़ रुपये के एक अस्थायी परिव्यय को मंजूरी दी है। प्रारंभिक शिक्षा के लिए स्वीकृत आवंटन 1165 करोड़ रुपये है, जबकि माध्यमिक के लिए यह 487 करोड़ रुपए और शिक्षक शिक्षा के लिए 13.19 करोड़ रुपये हैं। स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. पीयूष सिंगला ने यह जानकारी दी।
समग्र शिक्षा की 2023-24 प्रगति और वित्तीय वर्ष 2024-25 हेतु बजट की मंजूरी की समीक्षा के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर समग्र शिक्षा की योजना अनुमोदन के लिए गठित परियोजना अनुमोदन बोर्ड की बैठक भारत सरकार के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार (चेयरमैन पीएबी) की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सचिव ने बुनियादी संकेतकों में सुधार पर जोर दिया और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए एक समेकित दृष्टिकोण अपनाने को कहा। उन्होंने यूटी से लंबित स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी लाने को कहा, ताकि धन का आगे प्रवाह आसान हो सके। उन्होंने विभिन्न स्तरों पर बुनियादी ढांचे की कमियों को पाटने को कहा, ताकि सभी स्तरों पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।
स्कूल शिक्षा विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. पीयूष सिंगला बताया कि यूटी ने पिछले 2-3 वर्षों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी संकेतकों में सुधार किया है और वर्ष 2024-25 के लिए यह सबसे बड़ा बजट है। उन्होंने कहा कि यूटी के लिए आवंटित धनराशि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन में तेजी लाएगी, जिससे छात्रों को रोजगार के योग्य बनाने के लिए और अधिक लाभ मिलेगा और यूटी जेके को ज्ञान-हब और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में हमारे प्रयासों को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रमुख योजना का उद्देश्य प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है और इसे केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा 90:10 के साझा आधार पर संयुक्त रूप से वित्त पोषित किया जाता है। डॉ. सिंगला ने कहा कि यह पहली बार है कि व्यावसायिक शिक्षा के तहत एक साथ 554 स्कूलों को मंजूरी दी गई है, प्रत्येक स्कूल में न्यूनतम 2 ट्रेड होंगे। उन्होंने कहा कि एक मजबूत शिक्षा प्रणाली के तहत छात्रों के सीखने के परिणामों को बढ़ाने के लिए एक अनुकूल वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।
स्वीकृत आवंटन में से 142 करोड़ रुपये का उपयोग नई इमारतों के निर्माण और मौजूदा इमारतों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इस धनराशि का उपयोग स्कूलों में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए किया जाएगा। वर्ष 2024-25 के दौरान माध्यमिक शिक्षा के तहत 380 कार्य (बड़े/छोटे) और प्रारंभिक शिक्षा के तहत 966 कार्य शुरू किए जाएंगे। इसमें अतिरिक्त कक्षाएँ, कला और शिल्प कक्ष, प्रधानाध्यापक कक्ष, सीमा दीवारें, कंप्यूटर प्रयोगशालाएँ, संसाधन कक्ष, व्यावसायिक कक्ष आदि का निर्माण शामिल है।
गुणवत्ता हस्तक्षेप घटक के तहत कुछ प्रमुख गतिविधियों में सीखने के स्तर का मूल्यांकन, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) और डिजिटल पहल, शिक्षण संवर्धन कार्यक्रम (एलईपी), पुस्तकालयों को मजबूत करना और प्री-नर्सरी स्तर के लिए समर्थन को अनुशंसित बजट का उच्चतम आवंटन शामिल है। यूटी भर के विभिन्न स्कूलों में 2000 से अधिक स्मार्ट क्लास रूम, 600 आईसीटी लैब स्थापित किए जाएंगे। यूटी इनोवेशन के तहत वर्चुअल रियलिटी लैब्स, साइंस सेंटर, एस्ट्रो फिजिक्स लैब्स, इंग्लिश लैंग्वेज लैब्स स्थापित की जाएंगी। शिक्षक शिक्षा के तहत डीआईईटी में भौतिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, शिक्षक प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण, संकाय विकास सहित कार्यक्रम और गतिविधियों और टीईएल के लिए वार्षिक अनुदान को वर्ष 2024-25 के लिए 13 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। नई दिल्ली में हुई बैठक में भाग लेने वालों में मुख्य लेखा अधिकारी अभिषेक तलवारिया, राज्य समन्वयक प्रेम नाथ, अजीत शर्मा, अश्विनी कुमार भी शामिल थे।
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