जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कांफ्रेंस (पीसी) के अध्यक्ष सज्जाद गनी लोन ने 1987 में हुए विधानसभा चुनावों में धांधली के लिए नेशनल कांफ्रेंस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे लोगों का नेतृत्व करने का दावा नहीं कर सकते जबकि वे लोगों की मौजूदा हालत के लिए जिम्मेदार हैं। जो 1987 के चुनावों में हुई धांधली की बात नहीं करता, वह कश्मीर के मुद्दे को कभी नहीं समझ पाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर 1987 न हुआ होता तो क्या यहां बंदूक घुसपैठ कर लेती। क्या इतने सारे नए कब्रिस्तान होते। उन कब्रगाहों को किसने भरा। कोई भी यह सवाल नहीं पूछ रहा है। माना जाता है कि इसी धांधली से आतंकवाद भड़क उठा था। सज्जाद लोन ने पार्टी के अध्यक्ष के रूप में शपथ ली। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी जम्मू और कश्मीर के विशेष दर्जे की बहाली के लिए राजनीतिक और कानूनी रूप से प्रयास करेगी। जम्मू और कश्मीर की एक विरासत थी, जिसे 2019 में नष्ट कर दिया गया था। हम उस विरासत को वापस पाने का प्रयास करेंगे।
लोन ने कहा कि 1990 में आतंकवादियों को खाना देने जैसे कृत्यों के लिए कश्मीर में सभी से पूछताछ की जा रही है और उन्हें जेल में डाल दिया गया, लेकिन कोई भी 1987 में बेईमानी करने वालों से पूछताछ नहीं कर रहा है।
पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष ने कहा कि नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने अपने बेटे उमर अब्दुल्ला को तो मुख्यमंत्री बना दिया, लेकिन जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक पर नौ मामले दर्ज किए गए और 1987 में विपक्षी उम्मीदवार का चुनाव एजेंट बनने के लिए सलाखों के पीछे डाल दिया गया। मलिक ने हथियार उठाया, हम उसका समर्थन नहीं करते, लेकिन क्या कोई पूछ रहा है कि उसने बंदूक क्यों उठाई। उसे उस रास्ते पर किसने धकेला।
सज्जाद लोन ने कहा कि आज हमें लड़ना है लेकिन मैं सभी लोगों के बच्चों के लिए वही कामना करूंगा जो मैं अपने दो बच्चों के लिए चाहता हूं। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को गोलियों और जेल से बचाने के लिए आज नेतृत्व की भूमिका है।