साहित्य अकादमी ने वर्ष 2022 के लिए साहित्य अकादमी व अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। डोगरी नाटक संग्रह छे-रूपक के लिए जम्मू की वीणा गुप्ता व कश्मीरी साहित्य-समालोचना (जायल डब) के लिए फारूक फयाज को साहित्य अकादमी पुरस्कार की घोषणा की है।
अनुवाद की श्रेणी में डोगरी (देहरा च अज्ज बी उगदे न साढ़े बूगटे ) के लिए निर्मल विनोद व कश्मीरी में गीतांजलि के अनुवाद के लिए शबनम तिलगामी को पुरस्कार के लिए चुना गया है।
अकादमी के सचिव डॉ. के श्रीनिवास राव वीरवार ने बताया कि बद्री नारायण को उनकी हिंदी कविताओं के संकलन ’तुमड़ी के शब्द’ और रॉय को अंग्रेजी उपन्यास ’ऑल दि लाइव्स वी नेवर लिव्ड’ के लिए सम्मानित किया जाएगा।
उर्दू के उपन्यासकार अनीस अशफाक को ख्वाब सरब के लिए यह पुरस्कार दिया जाएगा। पंजाबी के लिए सुखजीत को सम्मानित किया जाएगा। 23 भाषाओं के लिए दिए जाने वाले इस पुरस्कार में सात कविता संकलन, छह उपन्यास, दो कथा संकलन, दो साहित्यिक समालोचना, तीन नाटक और एक आत्मकथा शामिल है।
बांग्ला भाषा में पुरस्कार बाद में घोषित किया जाएगा। विजेताओं को एक लाख रुपये नकद, ताम्र पत्र और एक शॉल दी जाती है। ये पुरस्कार 11 मार्च को कमानी सभागार में वितरित किए जाएंगे।