-बन सुल्तान और सज्जाद पुर के किसानों ने रिंग रोड मीरां साहिब में लगाया पक्का धरना
-किसान बोले-जब तक इंसाफ नहीं मिलेगा, धरना जारी रखा जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
मीरां साहिब। बन सुल्तान और सज्जाद पुर गांव में पुलिस थाना मीरां साहिब व पुलिस हेडक्वार्टर के भवन निर्माण के लिए चयनित जगह पर पुलिस की ओर से बोर्ड लगाए जाने का विरोध शुरू हो गया है। किसानों ने इसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के बैनर तले पक्का धरना लगा दिया है। किसानों का कहना कि वे इस जमीन पर आजादी के पहले से खेती करते आ रहे हैं। अब बिना नोटिस और मुआवजा दिए पुलिस को जमीन देना धक्केशाही है।
रिंग रोड मीरां साहिब में धरने पर बैठे किसान अमरनाथ, रानी देवी, बोध राज और सरदारी लाल ने कहा कि पहले गांव बन सुल्तान व सज्जाद पुर के किसानों की कृषि योग्य भूमि रिंग रोड में आने से छिन गई। अब पुलिस थाना मीरां साहिब व पुलिस हेडक्वार्टर के भवन निर्माण के लिए किसानाें की भूमि पर पुलिस ने बोर्ड लगा दिया है। प्रमोद कुमार ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते किसानों की जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है। सरकार को भूमि के बदले भूमि मुहैया करवानी चाहिए। कहा कि जब तक किसानों को इंसाफ नहीं मिलेगा, तब तक धरना जारी रहेगा।
जम्मू-कश्मीर किसान तहरीक के राज्य प्रधान किशोर कुमार ने कहा कि राजस्व विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक अगर किसानों की कृषि योग्य भूमि सरकारी है तो भी पुलिस विभाग को देने से पहले किसानों को नोटिस जारी करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है।
कोट
जमीन कस्टाेडियन की है। इसके चलते वह जमीन जम्मू-कश्मीर पुलिस को दी गई है। कोस्टोडियन जमीन का मुआवजा देने का भी कोई प्रवाधान नही है।
सीमा परिहार, एसडीएम आरएस पुरा