आरएस पुरा। बाढ़ के 10 दिन बाद भी सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। गांव कत्याल के साथ गुजर बस्ती में अब तक बिजली बहाल नहीं हो पाई। नेक आलम का कहना है कि जिस दिन बाढ़ आई उस दिन जान बचाना भी मुश्किल हो गया था। बाढ़ में निक्की तवी किनारे बने कुल्ले चपेट में आने पर बह गए। कई पशु भी निक्की तवी व बलोल में बहने से नुकसान होने पर अब परिवार का खर्च चलाना मुश्किल बना हुआ है। रेशमा बीबी ने कहा कि बाढ़ आने पर कई परिवाराें के कुल्ले के भीतर पड़ा सामान बह गया। संवाद