क्षेत्र की 15 हजार से अधिक आबादी को आ रही आवाजाही में दिक्कतें
20 में से 14 किलोमीटर मार्ग ही बन पाया, छह किलोमीटर अभी भी अधूरा
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। दस साल बाद भी सांबा-गोरण सड़क बनाने के दावे अधूरे ही हैं। जिले के पहाड़ी एवं धार्मिक गांव गोरण की तरफ जाने वाले मार्ग का विकास दस साल पहले करवाया गया था। मगर आज तक मार्ग ही नहीं बन सका है। इसको लेकर स्थानीय लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
लोगों के अनुसार इस बारे में जिला प्रशासन के साथ राजनेताओं को भी कई बार अवगत करवाया है, लेकिन मार्ग की मरम्मत को लेकर किसी ने भी कोई उचित कदम नहीं उठाया है। इस कारण लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र की 15 हजार से अधिक आबादी को आने जाने की परेशानी हो रही है।
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10 साल पहले जब मार्ग का विकास शुरू किया गया था तो लोगों को लगने लगा था कि अब उनके दिन सुधरेंगे। मगर ऐसा नहीं हो सका। आज भी लोग आने जाने की समस्या से जूझ रहे हैं।
अजय शर्मा, स्थानीय निवासी गोरण
मार्ग के टूटे होने के कारण मिनी बस चालक भी मार्ग पर चलने से कतराते हैं। मार्ग पर कई हादसे भी हो चुके हैं। इसमें कई लोग घायल हो चुके हैं। बरसात के दिनों से उनका सांबा से संपर्क ही टूट जाता है।
सोहन सिंह, स्थानीय निवासी
बैक टू विलेज कार्यक्रम के दौरान भी उन्होंने समस्या को अधिकारियों व केंद्र के मंत्रियों के समक्ष रखा था। हर बार उन्हें भरोसा ही मिला है। आज तक मार्ग का विकास ही नहीं किया गया है।
कुलदीप सिंह, स्थानीय निवासी
गौरण में धार्मिक स्थल बाबा शिवो देव स्थान है, जहां हर रविवार व मंगलवार को हजारों की संख्या में लोग माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। मार्ग के टूटे हुए होने के कारण लोगों को भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
महंत देस राज गिरी, प्रधान बाबा शिवो विकास कमेटी गोरण।
सांबा से गोरण मार्ग के 20 किलोमीटर मार्ग में से 14 किलोमीटर मार्ग बन चुका है। 2 किलोमीटर पर कंकर बिछाना है। इसके बाद 6 किलोमीटर मार्ग पर तारकोल बिछाई जानी है। इसे सर्दी के मौसम से पहले की मुकम्मल कर दिया जाएगा।
विजय कुमार, कार्यकारी अभियंता, सड़क एवं भवन निर्माण विभाग।