हीरानगर में तरनाह नाले पर बने पुल के नुकसान के बाद शुरू हुई समस्या
नुकसान को देखते हुए लोग कर रहे एक वैकल्पिक मार्ग बनाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
सांबा। हीरानगर के तरनाह नाले पर बने पुल में आई खराबी के कारण वाहनों को पुराने सांबा-कठुआ बॉर्डर मार्ग से निकाला जा रहा है। इस कारण नालों पर बने पुलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस परेशानी से निपटने के लिए ग्रेफ ने पुलों की मरम्मत का काम शुरू कर दिया है।
राजपुरा निवासी गणेश दास, राकेश कुमार, बाबा दित्ता, शम्मी कुमार, आदि ने बताया कि पुराने सांबा-कठुआ बॉर्डर मार्ग पर पहले छोटे वाहनों की आवाजाही ही रहती थी। अब बड़े वाहनों के गुजरने से नालों पर बनाए पुलों की हालत भी खराब होती जा रही है। उन्होंने बताया कि शाम के समय मार्ग को पार करना मुश्किल हो रहा है। नालों पर बनाए पुल के ऊपरी भाग का सीमेंट टूट रहा है। यदि शीघ्र ही तरनाह नाले के पुल का कोई अन्य वैकल्पिक मार्ग नहीं बनाया गया तो सांबा जिले के नालों पर बनाए पुलों में भी दरारें आ जाएंगी। स्थानीय लोगों के अनुसार बड़े वाहनों के गुजरने से कई हादसे भी हो रहे हैं।
सनद रहे कि सांबा जिले के बईं नाला लाला चक, राजपुरा के नाले पर बने पुल बबर नाला पर पुल, सदोह नाले पर बनाए पुलों को अधिक नुकसान होने की आशंका है। राजपुरा नाले व बबर नाले पर बने पुलों के ऊपरी भाग में सीमेंट टूट रहा है। इस पर ग्रेफ मरम्मत कार्य करवा रहा है।