- टेंडर में प्रावधान, उखड़ने पर दोबारा बिछाना होगा तारकोल नहीं तो अगला ठेका नहीं मिलेगा
- 18 लाख की लागत से हुआ था काम, तीन लेयर को उखाड़कर डाला गया था तारकोल
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। छह माह में ही तवी के तीसरे पुल पर डाला गया तारकोल उखड़ना शुरू हो गया है। यहां पर काम 18 लाख रुपये की लागत से हुआ था। पुल से तारकोल तीन लेयर तक उखाड़ा गया था। इस दौरान दावा किया गया कि बार-बार तारकोल नहीं उखड़ेगा। अब फिर से तारकोल उखड़ना शुरू हो गया है। कारण ये रहा है कि तारकोल पूरे मानदंडों के अनुसार नहीं डाला गया। पुल के शुरूआत में तीन लेयर तक तारकोल डाला जाना था मगर यहां पर औपचारिकता ही निभाई गई है। ऐसे में अब तारकोल उखड़ना शुरू हो गया है।
लोक निर्माण विभाग के अनुसार पहले निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद ठेकेदार से जवाब तलब किया जाएगा। विभाग के अनुसार तीन साल तक सड़क में तारकोल डालने के बाद काम की जरूरत ही नहीं होती है। अब जांच से पता चल सकेगा कि कैसे तारकोल उखड़ा है। टेंडर में प्रावधान यह भी है कि तारकोल उखड़ने पर दोबारा बिछाना होगा। ऐसा न होने पर अगला टेंडर विभाग रोक सकता है।
पहले इस सड़क में गड्ढे पड़ रहे थे। कई बार दोपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। समस्या के हल के लिए पुल में पड़े तारकोल की तीन लेयर को खोदा गया और नए सिरे से लेयर बिछाई गई। इस दौरान विभाग का दावा रहा कि अब पुल से तारकोल नहीं उखड़ेगा। क्षतिग्रस्त लेयर को अलग कर दिया गया है मगर अब फिर से तारकोल उखड़ना शुरू हो गया है। अब काम पर सवाल उठ रहे हैं। यहां से हर रोज हजारों वाहनों की आवाजाही होती है। पठानकोट से जम्मू बस स्टैंड सहित अन्य जगहों के लिए वाहन इसी पुल से गुजरते हैं। अब फिर से लोक निर्माण विभाग के अधिकारी पुल का निरीक्षण करेंगे और तारकोल बिछाने पर कार्रवाई आरंभ होगी।
गड्ढे के कारण लग रहा जाम
गड्ढे के कारण अब जाम लग रहा है। बिक्रम चौक और यूनिवर्सिटी रोड से आने वाले वाहन जाम में फंस रहे हैं। गड्ढे के कारण वाहन चालकों को रुक-रूक कर वाहन चलाने पड़ रहे हैं। पुल से लोग सीधा बस स्टैंड पहुंचते हैं। इसी पुल से बस स्टैंड और पठानकोट से वाहन जाते हैं। इसके अलावा पड़ोसी राज्यों से आने वाले वाले पर्यटक भी शहर घूमने के लिए इसी पुल से निकलते हैं।
कोट
पुल का निरीक्षण किया जाएगा। क्षतिग्रस्त तारकोल को उखाड़कर नए सिरे से बिछाया जाएगा। वाहन चालकों को बेहतर सुविधा दी जाएगी।
- राजेश गुप्ता, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग