संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। भारतीय संस्कृति के मूल वेदों का प्रसार और उनके विज्ञान को दुनिया तक पहुंचाने के लिए वैदिक विद्वानों का तीन दिवसीय सम्मेलन शुक्रवार को अंबफला के वेद मंदिर में शुरू हुआ। महर्षि संदीपनी राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान उज्जैन, शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार और वेद मंदिर कमेटी की ओर से संचालित कार्यक्रम महाराजा प्रताप सिंह वेद विद्यालय के तत्वावधान में पहली बार किया गया। इसमें वेद संदेश शोभायात्रा, चतुर्वेद पारायण, वेद व्याख्यान, सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहे।
वेद मंदिर से शोभायात्रा आरंभ हुई। सीपीओ चौक, पंजतीर्थी, धौंथली बाजार, चौक चबूतरा, जैन बाजार, लिंक रोड, पीर मिट्ठा, लखदाता बाजार, कनक मंडी, सिटी चौक से होते हुए रघुनाथ मंदिर परिसर में संपन्न हुई। देशभर के परंपरागत 100 वैदिक विद्वान सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम विभिन्न सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। प्रत्येक सत्र में विभिन्न अतिथि और अध्यक्ष कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं। उद्घाटन सत्र के दौरान केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति श्रीनिवास वरखेडी मुख्यातिथि रहे। सत्र की अध्यक्षता पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद ने की। संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कामत, प्रो. विरुपाक्ष वी जड्डीपाल और स्वामी यशपाल महाराज उपस्थित रहे। अन्य सत्रों में पद्मश्री विश्वमूर्ति शास्त्री, जम्मू-कश्मीर के एडवोकेट जनरल डीसी रैना, हृदयानंद गिरी, संत दिनेश भारती, दिव्यानंद समेत अन्यों ने भाग लिया।