संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। आदि शक्ति देवी चंडिका सेवक संस्था ब्लासू डोडा जम्मू-कश्मीर ने सोमवार को बैठक की। संस्था अध्यक्ष प्रो. डीएस मन्हास ने बताया कि वार्षिक पवित्र छड़ी यात्रा (मिंधल यात्रा) 1 जून को मां चंडी मंदिर ब्लासू डोडा से शुरू होगी। माता चंडी सेवक प्यार सिंह हजारों भक्तों के साथ 1 जून को गौरी शंकर मंदिर किश्तवाड़ में रात्रि विश्राम करेंगे। 2 जून को महाकाली मंदिर सोहल पाउडर में, 3 जून को मिंधल पांगी हिमाचल प्रदेश यात्रा पहुंचेंगी। 4 जून को मां चंडी दरबार मिंधल में मिंधल मेला, हवन पूजा, भद्रावही कुंड और जागरण होगा। छड़ी मुबारिक 5 जून को वापस लौटेगी। गौरी शंकर मंदिर किश्तवाड़ में रात्रि विश्राम के बाद 6 जून को वापस गांव ब्लासु डोडा पहुंचेगी। वहां कार्यक्रम के बाद यात्रा संपन्न होगी। उधमपुर, बटोटे, रामबन, प्रेम नगर, ठठरी, किश्तवाड़, गल्लार, कुंडल, सोहल, त्यारी, लुज, किल्लर मिंधल और जिला प्रशासन डोडा, किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) के साथ-साथ चंबा के मां चंडी सेवकों के सहयोग से हिमाचल प्रदेश यात्रा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्था करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मिंधल यात्रा में भाग लेने के इच्छुक भक्त अपने साथ गर्म कपड़े, कंबल, टॉर्च की रोशनी, थाली, गिलास आदि लेकर आएं। बैठक में समिति के अन्य कार्यकारी निकाय सदस्य अजय सेठी, करतार सिंह, रविंदर सिंह, श्रीकांत शर्मा, सतीश कुमार डोगरा और मुनिंदर सिंह उपस्थित रहे।