संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। मरचोला, सुंदरबनी में दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा करवा रहा है। रविवार को 5वें दिन में साध्वी भद्रा भारती ने मानव तन की महत्ता उसके संरक्षण और आध्यात्मिक उपयोग के बारे में बताया। कहा कि मानव शरीर किसी संयोग या ब्राह्मणिक अधिकार का परिणाम नहीं बल्कि यह परमात्मा की एक अतुल्य देन है। यह वह माध्यम है जिससे आत्मा संसार नामक माया से पार होकर अपने मूल स्वरूप तक पहुंच सकती है। शरीर के चार आयाम हैं शारीरिक, सूक्ष्म, मानसिक और कारणीभूत। इन सभी का सम्यक् संरक्षण आवश्यक है। कथावाचक ने बताया कि आज युग में अति भोजन, अवसाद, व्यसन और आलस्य ने मानव तन का त्याग करा दिया है। साधना और संयम से इस तन को वापस अपने मूल उद्देश्य के लिए तैयार किया जा सकता है। कार्यक्रम को श्री आरती के साथ विराम दिया गया। अन्य साध्वी बहनों ने भजन संकीर्तन पर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।