बड़ी गाला, मरचोला में श्रीमद् देवी भागवत कथा में नारीशक्ति का महत्व बताया
संवाद न्यूज एजेंसी
नाैशेरा। बड़ी गाला, मरचोला में सात दिवसीय श्रीमद् देवी भागवत कथा करवाई जा रही है। शुक्रवार को तीसरे दिन साध्वी भद्रा भारती ने नारी के ओजस और गौरव का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि नारी केवल सामाजिक भूमिका नहीं है वह सृष्टि की धुरी है। नारी में सृजन की शक्ति, करुणा की गहराई और जीवन को संवारने का अनुपम सामर्थ्य निहित है। परिवार संस्कृति और राष्ट्र का आधार नारी की प्रतिष्ठा और उसका सम्मान है। जहां नारी को सम्मान मिलता है वहां समाज प्रगति करता है। कथावाचक ने शास्त्रों और जीवन दृष्टांतों से यह स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति में नारी को अनेक रूपों में पूज्य स्थान मिला है। चाहे वह माता का रूप हो जो जीवनदान करती है। गुरु का रूप हो जो ज्ञान देती है या पति-पुत्र समाज की मार्गदर्शिका के रूप में वह हर रूप में समाज को संवारे रखती है। ऐतिहासिक पात्र जैसे गार्गी, मैत्रेयी, सती, मता सीता आदि सभी ने सत्य और पराक्रम का उच्च आदर्श स्थापित किया। कथा में साध्वी ने कहा कि शिक्षा रोजगार सामाजिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर न दिए जाने से नारी का पूरा सामर्थ्य उपयोग नहीं हो पाता। इसलिए समाज को नारी के प्रति अपनी नीतियों और व्यवहार में परिवर्तन लाना होगा। कार्यक्रम का समापन आरती के साथ किया गया। संगत के लिए लंगर की व्यवस्था भी की। मंच पर विराजमान अन्य साध्वी बहनों ने भजन संकीर्तन किया।