बैसाखी महोत्सव : उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुद्वारा साहिब अवताल में टेका माथा
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू/सांबा। न्यायपूर्ण और समावेशी समाज के लिए श्री गुरु गोबिंद सिंह का दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। युवा उनके आदर्शों का पालन कर जरूरतमंदों के उत्थान के लिए निरंतर प्रयास करें। यह संदेश उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने बैसाखी पर्व पर शनिवार को रामगढ़ में गुरुद्वारा साहिब अवताल में माथा टेककर दिया। उन्होंने देश और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, के लिए प्रार्थना की। एलजी ने प्रदेशवासियों को बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोबिंद सिंह का निस्वार्थ सेवा, सच्चाई, त्याग, समानता और सार्वभौमिक प्रेम का संदेश हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। एलजी ने कहा, इस दिन 1699 में दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह ने अमृत समारोह की शुरुआत कर संत-सैनिक की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया और सिखों को संत-सैनिकों के एक परिवार में बदल दिया, जिसे खालसा पंथ के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि इस बैसाखी पर आइए हम श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लें। इस मौके पर सिन्हा ने जलियांवाला बाग हत्याकांड में शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। यह सर्वोच्च बलिदान हमें बलिदानियों के सपनों का भारत बनाने के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में कृषक समुदाय के अमूल्य योगदान की भी सराहना की। इस अवसर पर सिख समन्वय समिति जम्मू-कश्मीर के अध्यक्ष सरदार अजीत सिंह, गुरुद्वारा साहिब अवताल के अध्यक्ष सरदार अमरजीत सिंह भी मौजूद रहे।