श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर गांधी नगर में शिव महापुराण कथा का दूसरा दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शिव महापुराण कथा सुनने से पापी को भी शिव धाम में जगह मिल जाती है। यह प्रवचन श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, गांधी नगर में चल रही शिव महापुराण की कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित मनोज कुमार शुक्ला किए। उन्होंने कहा कि जीवन के उद्धार के लिए शिव महापुराण कथा जरूर सुननी चाहिए। शनिवार को उन्होंने संगत को चंचला और बिंदू की कथा सुनाई।
पंडित शुक्ला ने कहा कि बिंदू जात से ब्राह्मण था, लेकिन ब्राह्मण के कर्तव्य का कोई काम नहीं करता था। जबकि, उसकी पत्नी चंचला सती सावित्री थी। बिंदू वैश्यावृति में पड़ गया। सारा धन वैश्या को दे देता। इससे पत्नी नाराज रहती थी। झगड़ा होता था। पति बिंदू के न समझने पर चंचला भी वैश्यावृति में पड़ गई। इस पर बिंदू चंचला से मारपीट करता है तो चंचला कहती है कि आप भी तो नहीं समझते हैं। इस पर बिंदू का गुस्सा शांत हो जाता है। कुछ समय बाद बिंदू की मौत हो जाती है।
उन्होंने कहा कि वृद्ध अवस्था में चंंचला परिवार के साथ यात्राओं के लिए निकल जाती है। एक मंदिर में शिव महापुराण कथा सुनने से उसके जीवन में परिवर्तन आता है और मरने के बाद शिवलोक में जगह मिलती है। वहां, माता पार्वती की सखी बनकर रहती है। एक दिन चंचला को पति की याद आई तो माता पार्वती बताती है कि आपका पति नरक में है। चंचला माता से पति बिंदू को परेशानी से बाहर निकालने की पुकार लगाती है। इस पर माता पार्वती गंद्धर्व लोक से तंबरों को विंध्य पर्वत पर रह रहे बिंदू को शिव महापुराण कथा सुनाने को कहती है। कथा सुनने से बिंदू पिशाच योनि से बाहर आ जाता है और भगवान शिव का गण बन जाता है। कथावाचक ने कहा कि शिव महापुराण कथा से जीवन धन्य हो जाता है। कथा दोपहर 2 से शाम 5 पांच बजे तक चली।