जम्मू। माघ पूर्णिमा का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा मंगलवार 15 फरवरी रात 09:43 बजे शुरू होगी और बुधवार 16 फरवरी रात 20:27 मिनट पर समाप्त होगी। व्रत 16 फरवरी को रखा जाएगा। बुधवार सुबह 10:05 बजे तक भद्रा काल रहेगा। इसके बाद व्रत का उद्यापन (मोख) कर सकते हैं। इस दिन अश्लेषा नक्षत्र के साथ शोभन योग बन रहा है। सिंह राशि का चंद्र और कुंभ राशि का सूर्य रहेगा। भगवान श्री सत्यनारायण की कथा सुनना और पूजा फलदायी होगी। पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान श्रीगणेश, माता पार्वती, भगवान शिव और चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व है। धर्मग्रंथों के अनुसार प्रत्येक माघ पूर्णिमा पर श्री हरि विष्णु स्वयं किसी न किसी रूप में गंगा स्नान करने आते हैं। महंत रोहित शास्त्री के अनुसार माघ पूर्णिमा पर पवित्र नदियों, सरोवरों में स्नान करने का विशेष महत्व है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते घर में ही पानी में गंगाजल डाल कर स्नान करें। जरूरतमंदों को दान-दक्षिणा दें। इस दिन मांस शराब आदि का सेवन करने से बचें। 16 फरवरी को श्री गुरु रविदास और श्री ललिता जयंती भी है।