जम्मू। नगर निगम में 600 सफाई कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया स्टेट सब्जेक्ट और डोमिसाइल के पेच में फंस गई है। इस कारण शहर की सफाई पर सीधा असर पड़ रहा है। अब नगर निगम ने सचिवालय से स्पष्टीकरण मांगा है। इसमें पूछा गया है कि डोमिसाइल को मान्यता देनी है या नहीं, क्योंकि जब भर्ती शुरू हुई तो स्टेट सब्जेक्ट लागू था। उस दौरान अन्य राज्यों से भी लोग आवेदन कर सकते थे। यूटी बनने के बाद नियमों में बदलाव हुआ। इसके तहत स्थानीय निवासी ही आवेदन कर सकते थे। भर्ती 2018 से आरंभ हुई थी। 12 चरणों में भर्ती को पूरा कर अब नियुक्ति पत्र दिए जाने हैं, पर सचिवालय से कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में फिर से स्थिति साफ करने के लिए कहा गया है। आदेश मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया नगर निगम आरंभ करेगा।
मौजूदा समय में 2700 सफाई कर्मचारी सेवारत हैं, मगर जरूरत 3700 की है। 600 पद भरने के लिए अनुमति 2018 में मिली थी। पांच साल बीतने के बाद भी नियुक्तियां नहीं हो पाईं। हालांकि पहले यूटी बनने के बाद आठवीं पास होने की शर्त अनिवार्य कर दी गई थी। इस नियम को भी सचिवालय के माध्यम से हटाया गया। पहले राज्य होने पर अनपढ़ व्यक्ति भी आवेदन कर सकता था। अब स्टेट सब्जेक्ट या फिर डोमिसाइल के हिसाब से भर्ती होगी या नहीं, यह सचिवालय ही बता पाएगा।
हर कर्मचारी पर अतिरिक्त कार्यभार
सफाई कर्मचारी हर रोज 400 एमटी कचरा एकत्रित करते हैं। हर वार्ड में इलाके के हिसाब से कर्मचारी तैनात किए गए हैं। पद खाली होने के कारण अतिरिक्त काम करना पड़ रहा है।शहर में सुबह दस बजे तक सफाई का काम चलता है। 11 बजे कचरा डंपिंग साइट से लोड होता है और निस्तारण केंद्र के लिए जाता है। नई तैनाती होने से सफाई समय पर हो सकेगी।
600 पद भरने के लिए कई बार मांग की जा चुकी है। तैनाती होने से काफी राहत मिलेगी। साथ ही लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
-रिंकू गिल, सिविक सफाई कर्मचारी यूनियन
सचिवालय से स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया गया है। जब भर्ती शुरू हुई थी तो स्टेट सब्जेक्ट अनिवार्य था। इसमें राज्य के नियम लागू होते थे। यूटी बनने के बाद डोमिसाइल लागू किया गया है। आदेश मिलने के बाद आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी
-राहुल यादव, आयुक्त, नगर निगम