-केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम के लिए एनएचपीसी की बस सेवा बीपीएल छात्रों को ही देने के फैसले से भड़के छात्र
-अधिकारियों ने दो दिन में बैठक कर दिया निर्णय लेने का आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। केंद्रीय विद्यालय ज्योतिपुरम के लिए बस सेवा केवल गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवारों के बच्चों को ही देने के एनएचपीसी के फैसले के खिलाफ छात्रों का आंदोलन उग्र हो गया। बस सेवा सब छात्रों के लिए बहाल करने की मांग को लेकर छात्र एनएचपीसी कालोनी में एकत्रित हुए और कालोनी का गेट तोड़ दिया। प्रदर्शन के दौरान विधार्थियों व अभिवावकों की सीआईएसएफ के साथ हाथापाई भी हुई। छात्रों के पथराव के बाद सीआईएसएफ को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। पथराव और लाठीचार्ज में तीन विधार्थियों और एक जवान को चोटें आई हैं।
मंगलवार सुबह विधार्थी और उनके अभिवावक नारेबाजी करते हुए रैली की शकल में आए और एनएचपीसी कालोनी के मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए। इस दौरान सभी ने हर विद्यार्थी के लिए बस सेवा जारी रखने को कहा और नारेबाजी की। धरना दे रहे विधार्थियों ने कहा कि एनएचपीसी आदेश को खारिज करे। लगभग दो घंटे तक जब कोई भी अधिकारी बात सुनने नहीं आया, तो विधार्थियों ने कॉलोनी में घुसने का प्रयास किया। इस पर ड्यूटी पर तैनात सीआईएसएफ के जवानों ने उन्हें रोक दिया, लेकिन विद्यार्थी गेट तोड़कर अंदर जा घुसे। मौके पर जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को संभाला। सुबह से जारी प्रदर्शन और हुए हंगामे के लगभग पांच घंटे बाद दोपहर 12 बजे तय हुआ कि दो दिन बाद बैठक कर इस पर फैसला लिया जाएगा।
यातायात पुलिस अधिकारी को भी होना पड़ा गुस्से का शिकार
बस सेवा पर बरपे हंगामे के दौरान मौके पर पहुंचे यातायात पुलिस अधिकारी को भी लोगों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। डिस्ट्रिक्ट ट्रेफिक इंस्पेक्टर (डीटीआई) के साथ सलाल के पूर्व सरपंच की बहसबाजी हो गई। इस पर लोग भड़क गए और यातायात पुलिस अधिकारी पर पूर्व सरपंच के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाया। भीड़ में शामिल लोगों ने अधिकारी की पिटाई कर दी। अधिकारी भाग निकला लेकिन भीड़ उसके पीछे लग गई। दूर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने अधिकारी को बचाया।