अयोध्या में भव्य रामलला के मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में किया गया आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। आगे-आगे महाबली और बाहुबली, उनके पीछे भगवान राम, लक्ष्मण और मां सीता के स्वरूप के साथ बजरंगबली और नाचते-झूमते राम जी की सेना श्रीराम के जयघोष के साथ शहर में भव्य रामलला भक्त यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा देखने के लिए सड़कों पर भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। आकर्षण का केंद्र बने सात फुट के महाबली और छह फुट के बाहुबली को देखने और उनकी तस्वीर मोबाइल के कैमरे में कैद करने के लिए लोगों में उत्सुकता रही।
हनुमान जी के सिंदूर और लंगूर स्वरूप में कलाकारों ने ढोल और ताशे की थाप पर नृत्य कर यात्रा की शोभा बढ़ाया। वहीं, डीजे की धुन पर महाबली और बाहुबली की वेशभूषा में भी झूमते हुए कलाकार शोभायात्रा की रौनक बढ़ा रहे थे। शोभायात्रा में प्रभु राम, लक्ष्मण और मां सीता के साथ बजरंगबली भी आकर्षण का केंद्र रहे। जिन स्थानों से शोभायात्रा निकली, वहां भक्तों ने फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। इसके अलावा भक्तों को प्रसाद के रूप में केला और संतरा वितरित किया गया। इस दौरान एहतियातन पुलिसकर्मी तैनात रहे।
अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में इंसानियत की सेवा संगठन की ओर से मंगलवार को शहर में भव्य रामलला भक्त यात्रा निकाली गई। यह यात्रा श्री रणबीरेश्वर मंदिर शालामार रोड से शुरू हुई और भारत माता चौक, कनक मंडी, राजेंद्र बाजार, रेजिडेंसी रोड, रघुनाथ बाजार से होते हुए रणबीरेश्वर मंदिर में पहुंचकर संपन्न हुई। इस रामलला भक्त यात्रा के आयोजक इंसानियत की सेवा संगठन के प्रधान अमित कपूर ने कहा कि अयोध्या में भव्य रामलला के मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में हमलोग रामलला भक्त यात्रा निकाल रहे हैं। हर साल यह यात्रा निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार यह यात्रा निकाली जा रही है। इसमें कश्मीर से भी मुस्लिम परिवार के लोग हमारे आमंत्रण पर शामिल हुए हैं।
वहीं, जोरावर सिंह जम्वाल ने कहा कि शोभायात्रा में सिर्फ सनातन को मानने वाले या हिंदू धर्म को मानने वाले ही नहीं, बल्कि अलग-अलग समुदाय के लोग शामिल हुए हैं। यह पूरे विश्व में पैगाम है कि अगर अमन, शांति और आपसी भाईचारे को देखना है, तो मंदिरों के शहर जम्मू में आकर देखिए। शोभायात्रा में ऑल जेएंडके कश्मीर गौ रक्षा समिति के राज कुमार गुप्ता, इंसानियत सेवा समिति के उपाध्यक्ष विशाल विमल मेहरा, अशोक कुमार, दर्शन पटाका, तनिश मेहरा, बाबा चंचल सिंह, राकेश चाढ़क और अन्य शामिल रहे।
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शोभायात्रा में दिखी हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल
शोभायात्रा में हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। यात्रा में कश्मीर संभाग से भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। साथ हीं, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से लंगर भी लगाया गया, जिसमें भक्तों को प्रसाद के रूप में हलवा के साथ-साथ जूस और फल वितरित किया गया। शोभायात्रा में भाग लेने के लिए बारामुला से आए आशिक ने कहा कि हम इस शोभायात्रा का इंतजार कर रहे थे। शोभायात्रा में शामिल होकर बहुत अच्छा लगा। इसके माध्यम से यह संदेश है कि जम्मू-कश्मीर में हिंदू, मुस्लिम, सिख और इसाई भाईचारा के साथ रहना चाहते हैं। यह भाईचारा कभी खत्म नहीं हो सकता है।
पंजाब के कलाकारों ने धारण किए बजरंगबली के विभिन्न स्वरूप
शोभायात्रा में भाग लेने के लिए कलाकारों को खासतौर पर पंजाब से बुलाया गया था। बाला जी सेवा कृपा सभा के कमल दुआ ने बताया कि जम्मू शहर में पहली बार उन्हें भाग लेने का मौका मिला है। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि सबसे पहले बाला जी सेवा कृपा सभा को मौका मिला है। शोभायात्रा में हनुमान जी ने सिंदूर रूप में चोला धारण किया है और तीन विशाल स्वरूप महाबली, बाहुबली और बजरंगबली के हैं। यह छह से सात फुट के हैं। मंडली में 50 लोग हैं, जिसमें 12 लोगों ने विभिन्न स्वरूप धारण किए। अन्य साथ में ढोल-तासे और संगीत बजाने वाले हैं।