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Rajnath Visit Ladakh: आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर में विकास न होने से भी बढ़ा आतंकवाद, सीमाओं पर बढ़ी मजबूती

Sat, 29 Oct 2022 01:31 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू

सार

पूर्वी लद्दाख में चीन पर जवाबी कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सड़कें और पुल बनने से सीमाओं पर सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हुई है। इस बदलाव से ही उत्तरी सेक्टर में उपजे हालात से हम बेहतर ढंग से निपटने में कामयाब रहे।
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लद्दाख में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लोगों से मिलते हुए - फोटो : विज्ञप्ति
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश की आजादी के बाद जम्मू-कश्मीर में आधारभूत ढांचा विकसित नहीं किया गया। यहां आतंकवाद बढ़ने के पीछे यह पिछड़ापन भी एक वजह रहा, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। हम पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं।

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लद्दाख के लेह में 14 हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित दरबुक-श्योक-दौलत बेग ओल्डी सड़क के श्योक सेतु पर आयोजित कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और छह अन्य सीमावर्ती राज्यों में 2180 करोड़ की लागत से सामरिक महत्व की 75 परियोजनाओं का वर्चुअल लोकार्पण किया।

बीआरओ की इन परियोजनाओं में 45 पुल, 27 सड़कें, दो हेलीपैड और एक कार्बन न्यूट्रल हैबिटैट शामिल है। 20 परियोजनाएं जम्मू-कश्मीर, 18 लद्दाख व अरुणाचल प्रदेश, 5 उत्तराखंड और 14 परियोजनाएं सिक्किम, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में हैं।
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पूर्वी लद्दाख में चीन पर जवाबी कार्रवाई की ओर इशारा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि सड़कें और पुल बनने से सीमाओं पर सुरक्षा बलों की पहुंच आसान हुई है। इस बदलाव से ही उत्तरी सेक्टर में उपजे हालात से हम बेहतर ढंग से निपटने में कामयाब रहे।

रक्षा मंत्री ने कहा कि 75 परियोजनाओं में सड़कें, पुल और हेलीपैड सेना व आम नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी देंगी। देश की पश्चिमी सीमा से लेकर उत्तर और पूर्वोत्तर की सरहदों पर यह विकास शृंखला केंद्र सरकार के संकल्प को दर्शाती है।

हनले में 19 हजार फुट की ऊंचाई पर देश का पहला कार्बन न्यूट्रल हैबिटैट

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लद्दाख के हनले में बीआरओ ने देश का पहला कार्बन न्यूट्रल हैबिटैट विकसित किया है। लद्दाख को देश का पहला कार्बन न्यूट्रल प्रदेश बनाने की दिशा में यह बड़ा कदम है। इस हैबिटैट में अत्यधिक सर्दी के दौरान भी 57 जवानों के रहने की सुविधा दी गई है। इसी तरह से पूर्वी लद्दाख के हनले और ठकुंग में हेलीपैड बनाया गया है।

चंडीगढ़ में दुनिया का सबसे बड़ा  3डी प्रिंटेड कांप्लेक्स होगा तैयार

रक्षा मंत्री ने चंडीगढ़ में हिमांक एयर डिसपैच कांप्लेक्स और लेह में संग्रहालय का शिलान्यास भी किया। रक्षा मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ में बनाए जा रहे कांप्लेक्स में बीआरओ 3डी प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यह दुनिया में सबसे बड़ा 3डी प्रिंटेड कांप्लेक्स होगा। बर्फबारी में रास्ते बंद होने के दौरान डिसपैच कांप्लेक्स से जवानों से लेकर रसद को अग्रिम इलाकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

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