संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। 14 साल की उम्र में अपनी उपलब्धियों के लिए सभी की सराहना अर्जित करने वाले प्रदेश के पहले घुड़सवारी एथलीट बनकर इतिहास रचते हुए रचित गुप्ता राष्ट्रीय परिदृश्य पर नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं। व्यवसायी भूपेश गुप्ता के बेटे रचित 5 से 17 अप्रैल तक आर्मी इक्वेस्ट्रियन सेंटर (एईसी) दिल्ली कैंट में होने वाले दिल्ली हॉर्स शो में भाग लेंगे।
रचित ने कहा कि 8 साल की उम्र में ही घुड़सवारी करना शुरू कर दिया था, जब 2018 में मेयो कॉलेज अजमेर में चौथी कक्षा के छात्र के रूप में शामिल हुआ था। रचित ने अब तक कई प्रतिष्ठित घुड़सवारी आयोजनों में भाग लिया है, जो उनके इस खेल के प्रति समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। क्रिकेट और फुटबॉल जैसे लोकप्रिय खेल के बजाय घुड़सवारी में कुछ करने का जुनून रचित को अलग पहचान देता है।
रचित ने मेयो कॉलेज में आयोजित ड्रीम अलायंस 2023 के अलावा 2022-23 में आयोजित अखिल भारतीय आईपीएसई घुड़सवारी चैंपियनशिप में चिल्ड्रन-आई शो जंपिंग में स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने क्षेत्रीय घुड़सवारी लीग (आरईएल) के जूनियर नेशनल घुड़सवारी चैंपियशिप (जेएनईसी) 2023 के लिए भी क्वालीफाई किया था।
रचित ने अब तक जिन प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उनमें एग्राम राइडिंग और पोलो अकादमी बेंगलुरु में जूनियर नेशनल इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप- 2023, दिल्ली हॉर्स शो-2019, 2022, 61वें कैवेलरी द्वारा जयपुर में आयोजित चिंकारा हॉर्स शो-2018,2019,2022,2023 और इंटर-पब्लिक स्कूल प्रतियोगिता 2018, 2019, 2023 शामिल हैं।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल पर नाम और प्रसिद्धि पाने वाले रचित ने इस साहसिक खेल में अपनी पैठ बनाकर और नाम रोशन करके प्रदेश को गौरवान्वित किया है। इस खेल को आगे बढ़ाने और जम्मू-कश्मीर से पहला घुड़सवारी एथलीट बनने के लिए रचित को पहले ही युवा सेवा और खेल विभाग के सचिव सरमद हफ़ीज़ और सचिव जम्मू-कश्मीर खेल परिषद नुजहत गुल से प्रशंसा मिल चुकी है।