संवाद न्यूज एजेंसी
पुरमंडल। ऐतिहासिक स्थल पुरमंडल में प्रतिदिन काफी संख्या में यात्री पहुंचते हैं, लेकिन असुविधाओं के चलते उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अमरनाथ यात्रा के चलते यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इस कारण लोगों ने उप राज्यपाल प्रशासन, सुरुईंसर-मानसर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन से जल्द सुध लेने की गुहार लगाई है।
स्थानीय निवासी एवं सरपंच जोगिंदर शर्मा, जवाहर लाल बडू, राम नरेश शर्मा, पंच सुरेश शर्मा, कुलभूषण शर्मा और गोपाल शर्मा आदि ने बताया कि श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि इस ऐतिहासिक स्थल के लिए उचित बस सेवा, निर्वाध बिजली आपूर्ति, यात्री पंजीकरण शुरू करना और यात्रियों के लिए रात को रुकने के लिए व्यवस्था करनी चाहिए।
ऐतिहासिक धार्मिक स्थल में अधिकमास के पवित्र दिनों में लोग पुरमंडल स्थित गुप्त गंगा में स्नान एवं पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। यहां सुविधाएं की बहुत कमी है। पुरमंडल से जम्मू के लिए चलाई जा रही बस कुछ माह से बंद पड़ी है। अब बस को बाड़ी ब्राह्मणा से पुरमंडल कर दिया गया है। इससे जम्मू से आने वाले यात्रियों को दो-तीन बसें बदल कर यहां पहुंचना पड़ता है।
अनदेखी के चलते सराय बनी खंडहर
पुरमंडल स्थित ऐतिहासिक स्थल पर प्राचीन काल से श्रद्धालुओं के रुकने के लिए सराय बनाई गई थी। यहां पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु रुकते थे। लेकिन अनदेखी के चलते यह सराय खंडहर में तब्दील हो चुकी है। इसलिए श्रद्धालुओं के लिए प्रमंडल में रात को रुकने की कोई व्यवस्था नहीं है। बसों की कमी के चलते कई बार श्रद्धालुओं को कई किलोमीटर का पैदल सफर तक करना पड़ता है। इस संबंध में सुरुईंसर-मानसर विकास प्राधिकरण के सीईओ वेद प्रकाश से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं लगा है।
पुरमंडल के लिए बिजली विभाग की ओर से अलग से लाइन बिछाई गई है। इस लाइन क्षेत्र में बिजली की कोई कटौती नहीं होती है। मौसम खराब होने या फॉल्ट आने पर ही बिजली बंद की जाती है।
- केडी शर्मा, जेईई, बिजली विभाग, पुरमंडल
कैप्शन प्रमंडल मैं प्राचीन काल में बनाई गई खंडहर स्थिति में सराय
कैप्शन प्रमंडल स्थित देवका के किनारे ऐतिहासिक मंदिरों की श्रंखला