पुलवामा। भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर ने पुलवामा के वाखेरवां में दो महीने का अल्पकालिक कौशल उन्नयन कार्यक्रम शुरू किया है। यह कार्यक्रम रेशम कालीन बुनाई पर केंद्रित है। यह पहल राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम के तहत गुरु शिष्य हस्तशिल्प प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से लागू की जा रही है जिसे केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय ने स्वीकृति दी है। सोमवार को एक प्रेस बयान में आईआईसीटी के निदेशक जुबैर अहमद ने बताया कि यह कार्यक्रम दक्षिण कश्मीर में कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए शुरू किया गया है जहां कालीन बुनकरों की संख्या तुलनात्मक रूप से कम है। संवाद