सांबा। जिले के पहाड़ी क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग उठाई है कि उनके क्षेत्र में स्थित प्राकृतिक स्रोतों का विकास कराया जाए। स्थानीय निवासी पूरण सिंह, पूर्व पंच जगदीश सिंह, पुरुषोत्तम आदि ने बताया कि गांव समोठा, दबनु, संदाला, ललथ आदि गांवों के ग्रामीण आज भी जल शक्ति विभाग द्वारा दिए जाने वाले पानी की आपूर्ति बंद होने पर कुंओं व बावलियों से ही पानी का इस्तेमाल करते हैं। कई बार नदी नालों का पानी भी पीने पर मजबूर रहते हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष एक बावली में जहरीले कीडे़ आने से दबनु गांव के अधिकतर परिवार बीमार हो चुके थे। यही नहीं क्षेत्र में कुएं भी हैं, लेकिन विकसित नहीं होने पर कुएं भी खस्ता हालत में हैं। यदि कुदरती स्रोतों का विकास कराया जाए तो ग्रामीणों को पानी की किल्लत से निजात मिल सकती है। उन्होंने डीसी सांबा अनुराधा गुप्ता से अपील की है कि पहाड़ी क्षेत्रों में कुदरती स्रोतों का विकास कराने का प्रयास करें।