यूनियन के चेयरमैन बशीर अहमद बशीर ने कहा, पिछले दो सप्ताह से एक अरब रुपये के सेब से लदे 8,000 ट्रक राजमार्ग पर रुके हुए हैं। सेब अब सड़ने लगे हैं और अब इन ट्रकों को वांछित गंतव्य तक ले जाने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि सेब उद्योग कश्मीर के सबसे बड़े उद्योगों में से एक है, जबकि यह लाखों लोगों को रोजगार और जीविका देता है। हमें यह समझ नहीं आता कि सेब से लदे ट्रकों को क्यों रोका जा रहा है और इस समय में राजमार्ग की मरम्मत क्यों शुरू हुई। बशीर ने कहा कि सोमवार को भी मंडी को दूसरे दिन बंद रखा गया। इस मामले को लेकर यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने आईजी ट्रैफिक विक्रमजीत सिंह के साथ एक बैठक भी की।
यूनियन चेयरमैन के अनुसार सकारात्मक नतीजे सामने आए। बशीर ने कहा, आईजीपी ने हमें बुलाया और बैठक बहुत अच्छी रही। इसमें कमिश्नर सेक्रेटरी ट्रांसपोर्ट और डायरेक्टर हॉर्टीकल्चर मार्केटिंग एंड प्लानिंग भी थे। उन्होंने कहा कि कल भी हमने यहां से गाड़ियां छोड़ीं और आज भी हम यहां से गाड़ियों को क्लीयर करेंगे और आगे भी हम प्राथमिकता पर फलों से लदी गाड़ियों को छोड़ने की कोशिश करेंगे। बशीर ने कहा कि हम आईजीपी ट्रैफिक का शुक्रिया अदा करते हैं कि जो उन्होंने समय रहते यह फैसला लिया और निर्देश दिए। बशीर ने कहा कि उन्होंने जमीनी स्तर पर जांच की। पाया कि सेब से लदे ट्रकों को आगे रवाना करने का काम शुरू कर दिया गया है।
जानबूझ कर नहीं, पस्सियां गिरने से रुके हैं ट्रक : मंडलायुक्त
मंडलायुक्त कश्मीर पीके पोल ने कहा कि राजमार्ग पर ट्रकों के रुकने का कारण प्राकृतिक है। सोमवार रात तक श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे सभी ट्रकों को क्लीयर किया जाएगा। ट्रकों को धीरे-धीरे छोड़ा जा रहा है। मंडलायुक्त ने कहा कि खराब मौसम के चलते राजमार्ग पर कुछ जगहों पर पस्सियां गिरने के चलते ट्रक और अन्य वाहन रुके हैं।
फल उत्पादक संघों द्वारा लगाए गए आरोप कि ट्रकों को जानबूझकर रोका गया है, सच नहीं है। इस बीच, प्रवक्ता ने कहा कि लगभग 4000 ट्रक रास्ते में थे। 1 सितंबर से अब तक 29000 सेब के ट्रकों सहित लगभग 46,000 माल लदे अन्य ट्रकों को कश्मीर से बाहर भेजा गया है।
कहा कि कश्मीर में आम तौर पर सेब का उत्पादन 17 मीट्रिक टन होता है, लेकिन पर्याप्त वर्षा के कारण इस बार बंपर फसल हुई है और यह 21 मीट्रिक टन को पार कर जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन प्रवाह को बनाए रखने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। खाली व अन्य वस्तुओं से लदे ट्रकों को श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग के बजाय मुगल रोड से जाना चाहिए।
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती
- फोटो : फाइल फोटो
जानबूझकर रोका जा रहा फलों के ट्रकों को : महबूबा
कश्मीर घाटी में सेबों से लदे ट्रकों को लेकर शुरू हुए विवाद के बीच महबूबा मुफ्ती ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जानबूझकर कश्मीरी के लोगों को सताने का आरोप लगाया। श्रीनगर में पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, आज सेब की फसल पर संकट मंडरा रहा है। उपराज्यपाल के बार बार दिए गए आश्वासनों के बावजूद भी सेब से लदे ट्रकों को जानबूझकर रास्ते में कई दिनों तक रोका जाता है।
मंडियों में पहुंचने तक वह सड़ जाता है, साथ ही एक साथ काफी मात्रा में पहुंचे से उसके दाम भी गिर जाते हैं। इससे सेब उद्योग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि बागवानी हमारी रीढ़ की हड्डी है, जिसे जानबूझकर तोड़ा जा रहा है। मुफ्ती साहब के समय में शुरू हुई मार्कि ट इंटरवेंशन स्कीम को इस समय इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। साथ ही ईरान के सेब के चलते हमारे सेबों की कीमत गिर रही है।
इस बीच राजस्थान में चल रही सियासत को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में महबूबा ने कहा, फल उद्योग की बात करो, जिस पर संकट मंडरा रहा है। इस बीच गुलाम नबी आजाद द्वारा पार्टी बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अच्छी बात है, कदावर नेता हैं। किसी ने अगर पार्टी बनाई है तो इसमें क्या बुराई है।