संवाद न्यूज एजेंसी
आरएस पुरा। किसानों ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन एवं रोष रैली मार्च निकाल कर केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अलाटी खेती योग्य भूमि पर खेती करने वाले किसानों को योजना का लाभ देने की मांग उठाई। साथ ही सरकार पर जम्मू-कश्मीर के अधिकतर किसानों को इस योजना की राशि बंद करने कर अन्याय करने का आरोप लगाया है।
किसान नेता चौधरी मोहन सिंह के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। वहीं, महात्मा गांधी पार्क से लेकर एसडीएम कार्यालय तक रोष मार्च निकाल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अधिकतर किसानों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। सरकार का तर्क है कि जो किसान अपनी मालिकाना भूमि पर खेती करेंगे उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा। यह गलत है। ऐसे में देश के हर किसान को इस योजना का लाभ मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर पहले भी क्षेत्र के किसान विरोध-प्रदर्शन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी कदम नहीं उठाया गया है, जिस कारण किसानों को फिर से सड़कों पर उतरना पड़ा है। उन्होंने सरकार के फैसले को किसान विरोधी करार देते हुए कहा कि पहले ही देश का किसान गलत नीतियों का शिकार है और अब इस योजना की राशि बंद कर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि वर्ष 1947, 65 और 71 के शरणार्थी परिवारों को उनकी जमीनों का मालिकाना हक दिया जाए। वहीं, पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) के शरणार्थी परिवारों को मिलने वाली आर्थिक राशि में वृद्धि की जानी चाहिए। अगर सरकार ने जल्द मांगों को पूरा नहीं किया तो आने वाले दिनों में विरोध-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर गुरदयाल सिंह, ओम प्रकाश रैणयाल, सीता राम, गणेश चंद, भगवान चंद, कैप्टन रूपलाल, सरदार मूल सिंह, चमेल सिंह शमशेर सिंह, सरदार बलदेव सिंह और छोटू राम आदि मौजूद रहे।