जम्मू। जम्मू-कश्मीर पब्लिक यूनिवर्सिटी पब्लिक बिल और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियमों में संशोधन करने के विरोध में बुधवार को एवीबीपी के कार्यकर्ताओं ने महिला कॉलेज परेड के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदेश मंत्री मुकेश मन्हास की नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर जोरदार नारेबाजी की।
आधे घंटे तक यातायात भी अवरूद्ध हुआ। यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत आई। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से सड़क मार्ग खुलवाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बार प्रदेश सरकार ने तुगलकी फरमान जारी किया है। युवा विरोधी फैसले के विरोध में तमाम शोधार्थी उतरे हैं। पठन पाठन करने वाले किसी भी शोधार्थी या शिक्षक को यह फैसला मंजूर नहीं है।
प्रदेश मंत्री मुकेश मन्हास ने कहा कि सरकार ने पहले कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के नियमों में बदलाव किया। फिर यूनिवर्सिटी पब्लिक बिल लाया है। मुकेश मन्हास के अनुसार बीते वर्ष कॉलजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद भरने के लिए भर्ती हुई थी। कुछ महीने पहले साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों की सूची भी जारी कर दी गई। लेकिन उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जेके पीएससी को साक्षात्कार की सूची रद करने का आदेश दिया गया है।
आदेश के अनुसार नए नियमों के अनुसार दोबारा भर्ती की जाएगी। रोष में आए विवेक, नितिन, सन्नी, पियुष और विक्रांत सहित अन्य ने रोष में कहा कि यूनिवर्सिटी पब्लिक बिल लाने का उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्वायतत्ता को समाप्त करना है, ताकि, विश्वविद्यालय की राजपत्रित और अराजपत्रित भर्ती जेकेपीएससी और एसबीबी करवा सकेंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस बिल से स्पष्ट होता है कि विश्वविद्यालय के वीसी के पास कोई भी पावर नहीं रहेगी, जबकि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वीसी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय से संबंधित कार्य काम किए जाते हैं।
एबीवीपी की महिला प्रदेश प्रभारी अक्षी बलोरिया, चाहत आनंद हरिओम शर्मा, पारस और विवेक सहित अन्य ने कहा कि सरकार को समस्या से अवगत करवाने के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया है, ताकि सरकार युवा विरोधी फैसलों को वापस ले।