जम्मू। लंबित मांगों के समर्थन में 40 दिन से संघर्षरत जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने सोमवार को केंद्र सरकार और विभाग के खिलाफ महारैली का आयोजन कर सचिवालय के घेराव का प्रयास किया। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस में धक्का-मुक्की भी हुई। उन्हें सड़क से हटाने के लिए पुलिस को हलके बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसमें जिसमें छह कर्मचारी जख्मी हुई है। पुलिस ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लिया और पुलिस लाइन ले जाने के बाद छोड़ दिया।
मांगों के समर्थन में अस्थायी कर्मचारियों ने मुख्य अभियंता कार्यालय बीसी रोड से दोपहर डेढ़ बजे महारैली का आयोजन किया। रैली जैसे ही बीसी रोड के फ्लाईओवर के नीचे पहुंची तो पुलिस ने बैरिकेड्स लगा रोकने का प्रयास किया। यहां पर पुलिस और कर्मचारियों में धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद परेड रोड फ्लाईओवर के नीचे गुस्साए कर्मियों को रोकने का प्रयास किया। कर्मचारी केंद्र सरकार और प्रदेश प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए इंदिरा चौक की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने रोक दिया। यहां पर कर्मचारी सड़क जाम कर एक घंटे तक नारेबाजी करते रहे। उन्हें वहां से हटाने के लिए पुलिस को हलके बल का प्रयोग करना पड़ा, जिसमें छह कर्मचारी घायल हुए हैं। 50 से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया। इसके बाद कर्मचारी मुख्य अभियंता कार्यालय के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूर्ण नहीं होंगी संघर्ष जारी रहेगा। मांगें पूर्ण नहीं होने पर 24 जुलाई को महारैली और सचिवालय का घेराव करने का अल्टीमेटम दिया गया था। महारैली में प्रदेशभर के जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया है।
ये हैं मुख्य मांगें
- तीन सौ रुपये की जगह पांच सौ रुपये दिहाड़ी दी जाए
- कर्मचारियों को 72 माह का बकाया वेतन जारी किया जाए
- अस्थायी कर्मियों को नियमित किया जाए
सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बल का प्रयोग किया है, इसमें छह कर्मी घायल हुए। मांगों को जल्द पूरा किया जाना चाहिए। लंबे समय से अनदेखी की जा रही है। जल्द फैसला नहीं लिया गया तो उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।
- रवि हंस, पदाधिकारी, इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट
प्रदर्शनकारियों को उठाया गया है। जो कर्मचारी हिरासत में लिए थे उन्हें औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ दिया है। प्रदर्शन से यातायात बाधित हो रहा था। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज नहीं किया गया है।
- राकेश कुमार, एसएचओ, सिटी