जम्मू। कश्मीरी विस्थापित बेरोजगार युवाओं ने मंगलवार को मांगों को लेकर राजभवन के बाहर प्रदर्शन किया। ये युवा एलजी को ज्ञापन देने पहुंचे थे लेकिन इन्हें राजभवन में जाने नहीं दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। सुनील पंडिता ने बताया कि 2008 में अखनूर पुल का उद्घाटन करने आए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीरी माइग्रेंट के लिए छह हजार नौकरियों का एलान किया था। इसकी 2010 में भर्ती प्रक्रिय शुरू हुई, जिसमें 45 उम्मीदवारों की हाई मेरिट होने पर भी उन्हें लिस्ट में जगह नहीं मिली। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट का धरवाजा खटखटाया, जिसमें कोर्ट ने सरकार से कहा कि इनकी जल्द नियुक्ति की जाए, लेकिन अभी न्याय नहीं मिल पाया है। प्रदर्शनकारी युवाओं ने कहा कि बीते 10 साल से वे लोग दफतरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं मिल पाया है। पंडिता ने बताया वे लोग 86 दिन से प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने उनकी सुध नहीं ली। बेरोजगार कश्मीरी विस्थापित युवाओं ने मांग की कि उन्हें जल्द न्याय दिया जाए और उक्त 45 लोगों को नौकरी दी जा।