जम्मू। दो युवकों से मारपीट पर फ्लायं मंडाल से लेकर जम्मू की निक्की तवी तक जमकर बवाल हुआ। आरोप है कि पशु तस्करों ने युवकों पर हमला किया। इसके खिलाफ पीड़ित युवकों के समर्थन में कई गांवों के लोग सड़कों पर उतर आए। फ्लायं मंडाल से शुरू हुआ प्रदर्शन जम्मू की निक्की तवी तक पहुंच गया। बात इतनी बढ़ गई कि एसएसपी जम्मू को खुद मौके पर पहुंचना पड़ा। एसएसपी के समझाने और गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे। हालांकि स्थिति इतनी तनावपूर्ण बन गई कि शहर के कई थानों के पुलिस अधिकारियों को पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचना पड़ा। बता दें कि तीन चार दिन पहले नगरोटा में भी गो रक्षक संगठन ने कुछ लोगों को पशुओं के साथ रोका था। तस्करी का आरोप लगाने के बाद कई घंटे स्थिति तनावपूर्ण बनी रही थी।
जानकारी के अनुसार सोमवार को कुछ युवकों ने एक लोड कैरियर आटो को करनाला चक के पास रोका। इसमें मवेशियों को लादा गया था। आटो चालक रुका नहीं और उसने दो युवकों को आटो से टक्कर मार दी। इसमें भुरे चक गांव के नितिन और नोवाडे गांव का सुनील घायल हो गए। जब दोनों ने इसका विरोध किया तो आटो चालक अपने साथ 300 लोगों को लेकर आ गया और उसने दोनों के साथ मारपीट की। किसी तरह से दोनों युवक वहां से निकले और गांव जाकर मामले की जानकारी दी।
पुलिस की आनाकानी पर बिफरे
दोनों युवकों ने गांववासियों के साथ पुलिस को जानकारी दी, लेकिन पुलिस की तरफ से क्षेत्राधिकार का हवाला देकर कार्रवाई नहीं की गई। इससे गुस्साए लोगों ने मंगलवार पहले फ्लायं मंडाल में प्रदर्शन किया। इसके बाद लोग दोमाना मोड़ पहुंचे और फिर करनाला चक पहुंच गए। इतने में पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। एसपी सिटी कुलवीर हांडा, एसपी साउथ ममता शर्मा, गांधी नगर एसडीपीओ, सतवारी एसएचओ, फ्लायं मंडाल पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और लोगों से बात की।
लोगों की ये मांगें : मारपीट करने वाले सभी लोगों को गिरफ्तार करना। पशुओं को तस्करों के चंगुल से छुड़ाना। आरोपियों पर केस दर्ज करना। फ्लायं मंडाल निक्की तवी रोड पर पुलिस चौकी स्थापित की जाए।
कोट
उक्त मार्ग पर एक नाका स्थापित किया जाएगा। 24 घंटे इस पर पुलिस कर्मी तैनात रहेंगे, ताकि पशु तस्करों पर नजर रखी जाए। मारपीट करने वाले लोगों की 8 तारीख तक पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा, जबकि इस मामले में केस दर्ज कर लिया गया है।
-चंदन कोहली, एसएसपी जम्मू
तस्करों के हौंसले बुलंद
बीडीसी चेयरमैन मदन लाल का कहना है कि फ्लायं मंडाल, बेली चराना, निक्की तवी और अन्य गांव से पशु तस्करी आम हो चुकी है। तस्करों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह रोकने पर लाठियां लेकर मारपीट पर उतर आते हैं। यहां तक कि इस रोड पर लड़कियों का गुजरना तक सुरिक्षत नहीं, क्योंकि तस्कर उनको छेड़ते हैं और मारपीट भी करते हैं।
गांव हरीपुर के सरपंच बलवीर कुमार का कहना है कि इस तरह की वारदातें पहले भी हो चुकी हैं। कुछ शरारती तत्व लोगों की भावनाओं को आहत कर रहे हैं। जानबूझ कर ऐसा किया जा रहा है, जिस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सुहांजना गांव के सरपंच बलवीर सिंह का कहना है कि मवेशियों को तस्करी कर ले जाया जा रहा था। जब इनको रोकना चाहा तो मारपीट पर उतर आए। यहां तक कि 300 से ज्यादा लोग लाठियां लेकर आ गए और मारपीट करने लगे। यह लोग पुलिस को भी नहीं छोड़ते हैं।