बिश्नाह के बंदराली गांव में शराब की दुकान खोलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा- हंगामे के दौरान मौजूद रही पुलिस, लोगों का आक्रोश नहीं कर पाई शांत
- शराब की दुकान स्थानांतरित करने के आश्वासन के बाद नरम हुए लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिश्नाह। गांव बंदराली में खोली जा रही शराब की दुकान का स्थानीय लोगों ने शनिवार को कड़ा विरोध किया। गुस्साए लोगों ने दुकान की दीवार तोड़ दी और अंदर रखी शराब की पेटियां लाकर सड़क पर पटक दीं। लोगों ने जमकर शराब की बोतलें तोड़ीं और हंगामा किया।
इस सारे हंगामे के दौरान एसडीपीओ आरएस पुरा निखिल गोगना और बिश्नाह थाना प्रभारी विक्रम शर्मा पुलिस बल के साथ मौजूद थे। बिश्नाह के नायब तहसीलदार भी यह तमाशा देख रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाकर शांत कराने की कोशिश की, लेकिन गांववासियों का आक्रोश शांत नहीं हुई। उन्होंने शराब की दुकान की एक तरफ की दीवार तोड़ कर अंदर रखी शराब की बोतलें बाहर सड़क पर फेंक कर तोड़ दीं। गुस्साई भीड़ ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रदेश प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी गांव खैरी में शराब की एक दुकान खोलने की कोशिश की गई थी, जिसे गांववासियों ने भारी विरोध कर बंद करवा दिया था।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उन्होंने प्रशासन से पहले भी अपील की थी कि गांव में शराब की कोई दुकान न खोली जाए, क्योंकि गांव में शराब की दुकान खुलने से उनके बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ सकता है। क्षेत्र में पहले से ही नशे की चपेट में आने से युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। अगर गांव में नशा मिलता है तो उनके बच्चे जो थोड़ी बहुत पढ़ाई लिखाई कर रहे हैं, फिर वह भी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन को बच्चों के भविष्य की चिंता है तो गांव के गांव में खेल का मैदान बनवाए, अच्छी सेहत के लिए मुफ्त जिम खोले, ताकि बच्चे स्वस्थ मन और मजबूत तन के साथ देश का नाम रोशन कर सकें।
प्रदर्शन कर रहे लोगों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बुजुर्ग शामिल थे। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने उन्हें आश्वासन दिया है कि गांव में शराब की दुकान नहीं खुलेगी। इसके बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। वहीं, शराब की दुकान के मालिकों को इस घटना के बाद करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूत्रों के अनुसार वे प्रदर्शन कर रही भीड़ पर दुकान में लूटपाट कर नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज करवा सकते हैं।