शालामार में मांगों को लेकर रैली निकालते धर्मार्थ ट्रस्ट के कर्मचारी।
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जम्मू। धर्मार्थ ट्रस्ट कर्मचारियों ने सोमवार को शंखनाद, मंत्रोच्चारण कर और डमरू बजाते हुए ट्रस्ट प्रबंधन के खिलाफ रोष रैली निकाली। यह रैली पुराने शहर से शुरू होकर विभिन्न स्थानों से होते हुए रणवीरेश्वर मंदिर में जाकर संपन्न हुई। इसमें पंडित, पुजारी और अन्य कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया रोष जताया। कर्मचारियों ने सरकार से धर्मार्थ ट्रस्ट के अधीन आने वाले सभी मंदिरों के लिए श्राइन बोर्ड की तर्ज पर बोर्ड गठित करने की मांग की। कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि जम्मू के राजनेता और आम जानता गहरी नींद में सोई है। हम लोग दो महीने से अधिक समय से कह रहे हैं कि धर्मार्थ ट्रस्ट प्रबंध मंदिरों की संपत्ति को लूट रहा है। ट्रस्टियों ने मंदिर की जमीन को बेच दिया है। मंदिर की संपत्ति को निजी स्वार्थ के लिए उपयोग किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज डोगरा विरासत को बचाने की जरूरत है। धर्मार्थ ट्रस्ट के ट्रस्टियों और अधिकारियों ने मिलकर डोगरा विरासत के प्रतीक इन मंदिरों की संपत्ति को लुटा है। आरोप है कि ट्रस्ट प्रबंधक कर्मचारी विरोधी हैं, कर्मचारियों को न तो वेतन मिलता है और न ही मंदिरों का विकास हो रहा है। श्रीनगर सहित विभिन्न जिलों में धर्मार्थ ट्रस्ट की भूमि को बेचा गया है, जिसकी सीबीआई जांच होनी चाहिए।